भोपाल। आंचलिक विज्ञान केंद्र, भोपाल ने 4 अप्रैल 2025 को राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (NCSM) के 48वें स्थापना दिवस के अवसर पर विज्ञान संचार और जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम श्रृंखला का आयोजन किया। यह आयोजन छात्रों और आम नागरिकों के लिए विज्ञान को रोचक और सरल रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास रहा।
विज्ञान को लोकप्रिय बनाने की दिशा में NCSM की महत्वपूर्ण भूमिका
राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त एवं गैर-लाभकारी संस्था है, जो देशभर में 26 विज्ञान केंद्रों और संग्रहालयों का संचालन करती है। इनका उद्देश्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति जनमानस में रुचि और जागरूकता उत्पन्न करना है, जिसमें आंचलिक विज्ञान केंद्र, भोपाल की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
‘प्रदर्शनी खोजें’ प्रतियोगिता और फिल्म शो ने बढ़ाई छात्रों की जिज्ञासा
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में से प्रमुख था—’प्रदर्शनी खोजें’ प्रतियोगिता, जिसमें 29 स्कूली छात्रों ने विज्ञान केंद्र की गैलरी में प्रदर्शित विज्ञान सिद्धांतों को खोजने और समझने में भाग लिया। वहीं, 105 दर्शकों ने रा.वि.स.प. की विज्ञान संचार गतिविधियों पर आधारित विशेष फिल्म शो का आनंद लिया।
सेल्फी पॉइंट और आकाश दर्शन कार्यक्रम बने आकर्षण का केंद्र
विज्ञान केंद्र परिसर में सेल्फी पॉइंट भी स्थापित किया गया, जहाँ आगंतुक विज्ञान प्रदर्शनी थीम की पृष्ठभूमि में फोटो ले सके। शाम को, दो विशेष आकाश दर्शन कार्यक्रम आयोजित किए गए—एक आंचलिक विज्ञान केंद्र परिसर में, और दूसरा मध्यप्रदेश पर्यटन बोट क्लब, भोपाल में। इन कार्यक्रमों में आगंतुकों ने टेलीस्कोप की मदद से खगोलीय नज़ारों का अनुभव किया।
संग्रहालय भवन रोशनी से जगमगाया
स्थापना दिवस की खुशी में, विज्ञान संग्रहालय भवन को विशेष प्रकाश व्यवस्था से सजाया गया, जिससे वातावरण में उत्सव का रंग भर गया। इस आयोजन ने भोपाल में विज्ञान जागरूकता अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की।
आंचलिक विज्ञान केंद्र भोपाल में 48वें राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद स्थापना दिवस पर हुआ विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम
