राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर भोपाल में होंगे विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े कार्यक्रम

19 से 23 अगस्त तक आंचलिक विज्ञान केंद्र में प्रतियोगिताएं, प्रदर्शनी और वैज्ञानिकों के व्याख्यान होंगे

भोपाल, 18 अगस्त 2026। तृतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस-2026 के अवसर पर आंचलिक विज्ञान केंद्र, भोपाल में 19 से 23 अगस्त तक विद्यार्थियों, युवाओं और आमजन के लिए विज्ञान एवं अंतरिक्ष से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम आंचलिक विज्ञान केंद्र और इसरो के मास्टर कंट्रोल फैसिलिटी (MCF) के संयुक्त तत्वावधान में होंगे।

इस वर्ष राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की थीम ‘विकसित भारत की ओर—नवाचार, सहयोग एवं वैश्विक अंतरिक्ष नेतृत्व की आकांक्षा’ रखी गई है। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के पास सफल सॉफ्ट लैंडिंग की स्मृति में मनाया जाता है।

19 अगस्त को मुख्य कार्यक्रम

मुख्य कार्यक्रम 19 अगस्त को सुबह 10 बजे आंचलिक विज्ञान केंद्र में होगा। इसमें इसरो के वैज्ञानिक शामिल होंगे और विद्यार्थियों के लिए अंतरिक्ष विज्ञान पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों के लिए ‘भारत की अंतरिक्ष यात्रा: सपनों से सफलता तक’ विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता और कक्षा 9 से 10 के विद्यार्थियों के लिए इसरो स्पेस साइंस क्विज चैलेंज होगा।

कक्षा 11-12 और महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए स्पेस इनोवेशन चैलेंज आयोजित किया जाएगा। कक्षा 11-12 के विद्यार्थी भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और विज्ञान एवं इंजीनियरिंग के कॉलेज विद्यार्थी लूनर हैबिटेट विषय पर मॉडल तैयार करेंगे। इसरो वैज्ञानिक प्रतिभागियों को मार्गदर्शन देंगे।

अंतरिक्ष विरासत पर विशेष प्रदर्शनी

19 से 23 अगस्त तक ‘प्राचीन आकाश से आधुनिक क्षितिज तक-भारत की अंतरिक्ष विरासत’ विषय पर विशेष प्रदर्शनी सुबह 10 से शाम 5 बजे तक चलेगी। इसके अलावा अंतरिक्ष अन्वेषण दीर्घा का विशेष निर्देशित भ्रमण और रॉकेट विज्ञान प्रदर्शन भी होगा।

23 अगस्त को ‘बनाएं और साथ ले जाएं’ गतिविधि और ‘अंतरिक्ष में वस्तुएं कैसे व्यवहार करती हैं?’ विषय पर विशेष विज्ञान प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। सभी गतिविधियां विद्यार्थियों, परिवारों और विज्ञान में रुचि रखने वाले आम नागरिकों के लिए खुली रहेंगी।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ वैज्ञानिक सोच, नवाचार और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना है।

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