एमएसपी पर धान खरीदी में रिकॉर्ड: 43 लाख मीट्रिक टन से अधिक खरीदी, 6.56 लाख किसानों को 6,791 करोड़ रुपये का भुगतान

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय सुरक्षा और कृषि को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार मजबूत कदम उठा रही है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान खरीदी व्यवस्था के तहत राज्य ने इस खरीफ विपणन वर्ष में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अब तक प्रदेश के लाखों किसानों से रिकॉर्ड मात्रा में धान की खरीदी की जा चुकी है और हजारों करोड़ रुपये का सीधा भुगतान किसानों के खातों में किया गया है। यह उपलब्धि किसानों के भरोसे पर सरकार की खरी उतरने का प्रमाण मानी जा रही है।
43 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी देते हुए बताया कि मौजूदा खरीफ विपणन वर्ष में अब तक 6 लाख 56 हजार 875 किसानों से 43 लाख 17 हजार 504 मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी की जा चुकी है। यह आंकड़ा न केवल बीते वर्षों की तुलना में अधिक है, बल्कि यह प्रदेश की मजबूत कृषि व्यवस्था और सरकारी खरीदी तंत्र की सफलता को भी दर्शाता है।
किसानों को 6,791 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान
मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,369 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके तहत अब तक किसानों को 6,791 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। यह भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया गया है, जिससे पारदर्शिता बनी रही और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई। समयबद्ध भुगतान से किसानों में सरकार के प्रति विश्वास और संतोष का भाव और मजबूत हुआ है।
स्लॉट बुकिंग से प्रक्रिया हुई सरल
धान विक्रय प्रक्रिया को सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सरकार द्वारा स्लॉट बुकिंग व्यवस्था लागू की गई है। खाद्य मंत्री ने बताया कि किसान 13 जनवरी तक स्लॉट बुक कर सकते हैं, जबकि प्रदेश में 20 जनवरी तक धान खरीदी की प्रक्रिया जारी रहेगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि किसी भी असुविधा से बचने के लिए समय-सीमा में स्लॉट बुकिंग अवश्य करें।
8.59 लाख किसानों का पंजीयन, 1,436 खरीदी केंद्र
इस वर्ष धान विक्रय के लिए प्रदेशभर में 8 लाख 59 हजार 916 किसानों ने पंजीयन कराया है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न जिलों में 1,436 धान खरीदी केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर गुणवत्ता परीक्षण, तौल, भुगतान और परिवहन की समुचित व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
75 प्रतिशत से अधिक धान का परिवहन पूरा
खरीदी गई धान के शीघ्र भंडारण के लिए परिवहन व्यवस्था भी तेज गति से की जा रही है। मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि अब तक कुल खरीदी गई धान का 75 प्रतिशत से अधिक, यानी 32 लाख 18 हजार 480 मीट्रिक टन धान का परिवहन किया जा चुका है। इससे भंडारण पर दबाव कम हुआ है और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए आवश्यक भंडार समय पर उपलब्ध हो रहा है।
किसान हित सर्वोपरि: गोविंद सिंह राजपूत
खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार की यह संगठित धान खरीदी व्यवस्था किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादन को प्रोत्साहन देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है, किसान हित सर्वोपरि हैं और उन्हें उनकी उपज का पूरा व समय पर मूल्य दिलाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।



