
20 जनवरी 2026 तक जारी रहेगी धान की सरकारी खरीदी
भोपाल। मध्यप्रदेश में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य तेजी से जारी है। प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी दी कि अब तक प्रदेश के 7 लाख 40 हजार 914 किसानों से 49 लाख 87 हजार 147 मीट्रिक टन धान की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा चुकी है।
पिछले वर्ष से अधिक हुई खरीदी
मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि इस वर्ष धान खरीदी का आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। वर्ष 2024–25 में कुल 43 लाख 52 हजार 905 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी, जबकि इस वर्ष अब तक यह आंकड़ा लगभग 50 लाख मीट्रिक टन के करीब पहुँच चुका है। यह वृद्धि किसानों के भरोसे और सुचारू खरीदी व्यवस्था का प्रमाण है।
20 जनवरी तक चलेगी खरीदी प्रक्रिया
मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में धान की खरीदी 20 जनवरी 2026 तक जारी रहेगी। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पर्याप्त समय और सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है, जिस पर पूरी पारदर्शिता के साथ खरीदी की जा रही है।
किसानों को 8291 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान
सरकार द्वारा खरीदी गई धान के एवज में किसानों को भुगतान की प्रक्रिया भी तेजी से की जा रही है। अब तक किसानों के खातों में 8291 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे अंतरित की जा चुकी है। इससे किसानों को आर्थिक संबल मिला है और खेती-किसानी को बढ़ावा मिला है।
8.59 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन
खरीदी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रदेश के 8 लाख 59 हजार 822 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। धान खरीदी के सुचारू संचालन के लिए राज्य सरकार द्वारा 1436 खरीदी केंद्र विभिन्न जिलों में स्थापित किए गए हैं, जहाँ एक दिसंबर 2025 से खरीदी का कार्य निर्बाध रूप से चल रहा है।
परिवहन कार्य भी तेज गति से जारी
मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि खरीदी गई धान के परिवहन का कार्य भी युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। अब तक कुल खरीदी गई धान की 79 प्रतिशत मात्रा, अर्थात 39 लाख 19 हजार 277 मीट्रिक टन धान का परिवहन गोदामों तक किया जा चुका है।
सरकार की प्राथमिकता – किसानों का हित
प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिले। धान खरीदी की सुव्यवस्थित व्यवस्था, त्वरित भुगतान और बेहतर परिवहन प्रबंधन से किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि 20 जनवरी 2026 तक अपनी धान समर्थन मूल्य पर बेचकर शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं।
सरकार की इस प्रभावी व्यवस्था से प्रदेश के किसानों में उत्साह है और खरीदी केंद्रों पर लगातार अच्छी आवक बनी हुई है।



