रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच वैश्विक तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता दिख रहा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका और यूरोपीय देशों को खुलेआम चुनौती देते हुए दावा किया है कि रूस की अत्याधुनिक “ओरेश्निक मिसाइल” को दुनिया की कोई भी हवाई रक्षा प्रणाली रोक नहीं सकती। पुतिन के इस बयान से अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा विशेषज्ञों में हलचल मच गई है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका और यूरोप, को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि रूस अब किसी भी तरह के दबाव से डरने वाला नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि रूस की नई ओरेश्निक मिसाइल तकनीक इतनी उन्नत है कि उसे इंटरसेप्ट करना असंभव है।
पुतिन ने पश्चिम को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि अगर आपको हमारी बातों पर संदेह है, तो कीव में अपनी सबसे मजबूत हवाई रक्षा प्रणाली तैनात करके देखिए। हम हमला करेंगे और फिर आप स्वयं परिणाम देख लेंगे।” यह बयान न केवल सैन्य चेतावनी है, बल्कि पश्चिमी देशों की सामरिक क्षमताओं पर सीधा सवाल भी खड़ा करता है।
उन्होंने आगे कहा कि रूस सैन्य, रणनीतिक और तकनीकी रूप से पूरी तरह तैयार है। पुतिन ने सवाल उठाया कि क्या अमेरिका और यूरोप वास्तव में इस स्तर के टकराव के लिए तैयार हैं। उनके अनुसार, पश्चिम लगातार यूक्रेन को हथियार देकर संघर्ष को बढ़ा रहा है, जबकि रूस अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन का यह बयान रूस-यूक्रेन युद्ध, नाटो, अमेरिका-रूस तनाव, और यूरोप की सुरक्षा नीति के संदर्भ में बेहद अहम है। ओरेश्निक मिसाइल को लेकर किया गया यह दावा पश्चिमी देशों के लिए एक रणनीतिक चेतावनी माना जा रहा है।
पुतिन के इस आक्रामक रुख से स्पष्ट है कि आने वाले समय में वैश्विक राजनीति और सैन्य संतुलन और अधिक अस्थिर हो सकता है, जिससे दुनिया एक नए भू-राजनीतिक मोड़ की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है।
पुतिन की पश्चिम को खुली चुनौती: ‘ओरेश्निक मिसाइल को रोकना नामुमकिन’, कीव में एयर डिफेंस लगाने की दी चेतावनी
