
सिद्ध फॉर ग्लोबल हेल्थ विषय पर थिरुमूलर प्राणायामम का सजीव प्रदर्शन
भोपाल । अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल के आयुष विभाग द्वारा कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर के मार्गदर्शन में आगामी 9वें सिद्ध दिवस (6 जनवरी) के अवसर पर सिद्ध फॉर ग्लोबल हेल्थ विषय पर एक विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक सिद्ध चिकित्सा पद्धति के माध्यम से सामान्य स्वास्थ्य, वेलनेस और जीवनशैली सुधार के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा। कार्यक्रम के दौरान थिरुमूलर प्राणायामम (Thirumoolar Pranayamam) का सजीव प्रदर्शन किया गया, जिसमें इसके मानसिक शांति, एकाग्रता और समग्र स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभावों को रेखांकित किया गया। इस अवसर पर आयुष ओपीडी में उपचार के लिए आए मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों ने भी सक्रिय सहभागिता की।
सिद्ध चिकित्सा और वेलनेस पर विशेष चर्चा
सत्र की शुरुआत सिद्ध चिकित्सा पद्धति के परिचय और सिद्ध दिवस के महत्व से की गई। विशेषज्ञों ने दैनिक जीवन में होने वाली सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम एवं प्रबंधन में आयुष पद्धतियों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। जागरूकता गतिविधि के अंतर्गत प्रतिभागियों को एक पारंपरिक हर्बल पेय वितरित किया गया। साथ ही, इसके स्वास्थ्य लाभ बताते हुए लोगों को चाय और कॉफी के स्थान पर हर्बल पेय अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
संवादात्मक सत्र और विशेषज्ञों की सहभागिता
कार्यक्रम में एक संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें सक्रिय और स्वस्थ जीवन के लिए सरल व व्यवहारिक जीवनशैली सुधारों पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर डॉ. ऐश्वर्या ए, मेडिकल ऑफिसर (सिद्ध), डॉ. मुद्दा सोफिया, मेडिकल ऑफिसर (योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा), डॉ. रंजना पांडेय, मेडिकल ऑफिसर (आयुर्वेद) ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में भाग लेकर अपनी-अपनी आयुष विधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुझाव साझा किए।



