एम्स भोपाल के निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने एमपी टूरिज्म सस्टेनेबिलिटी समिट 2025 में रखा सतत विकास और वेलनेस टूरिज्म का दृष्टिकोण

भोपाल, ।  एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने “मध्यप्रदेश पर्यटन सस्टेनेबिलिटी समिट 2025” में विशिष्ट पैनलिस्ट के रूप में सहभागिता कर संस्थान की बहुआयामी भूमिका को रेखांकित किया। यह समिट राज्य में सतत एवं ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी, जिसमें पर्यावरणीय जिम्मेदारी, तकनीकी नवाचार और हरित निवेश जैसे विषयों पर व्यापक विमर्श हुआ।

समिट का आयोजन मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा किया गया था और इसमें पर्यटन, पर्यावरण, स्वास्थ्य, नवाचार और निवेश जैसे क्षेत्रों के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भाग लिया। डॉ. अजय सिंह को पैनल चर्चा-II में आमंत्रित किया गया, जिसका शीर्षक था —
“पर्यटन और स्थिरता: हरित यात्रा के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग; सतत निवेश, ग्रीन फाइनेंस, हरित नौकरियाँ एवं नवाचार।”

अपने संबोधन में प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने कहा कि “स्वास्थ्य, पर्यावरण और पर्यटन — ये तीनों किसी भी सतत समाज के मूल स्तंभ हैं। यदि हम मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, जैव-विविधता और ग्रामीण परिवेश को देखें, तो स्पष्ट होता है कि हमारे पास इको-टूरिज्म और वेलनेस टूरिज्म के लिए अपार संभावनाएँ हैं।”

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियाँ — जैसे योग, आयुर्वेद और समेकित चिकित्सा (Integrative Medicine) — न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को मजबूती देती हैं, बल्कि वैश्विक सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) से भी गहराई से जुड़ी हुई हैं।

प्रो. सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य को केवल चिकित्सकीय सेवाओं तक सीमित न रखते हुए, उसे जीवनशैली, पर्यावरणीय गुणवत्ता और मानसिक सशक्तिकरण से जोड़कर देखना आवश्यक है।
“योग को यदि दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाए, तो यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संतुलन में भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है। भारत वेलनेस और मेडिकल टूरिज्म का वैश्विक हब बन सकता है यदि हम आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ अपनी पारंपरिक धरोहर का समावेश करें।”



इस समिट में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों द्वारा ग्रीन फाइनेंस, सतत रोजगार, डिजिटल तकनीकों का उपयोग, और पर्यावरण-हितैषी निवेश मॉडल पर भी चर्चा की गई। यह आयोजन सतत पर्यटन विकास, ग्रामीण सशक्तिकरण और वेलनेस इकोनॉमी के एकीकृत दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत मंच साबित हुआ।

एम्स भोपाल की भूमिका स्वास्थ्य से आगे

इस समिट में भागीदारी यह दर्शाती है कि एम्स भोपाल, प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के नेतृत्व में न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में अग्रणी है, बल्कि सतत विकास, नीति-निर्धारण और समाजिक-आर्थिक संवादों में भी सक्रिय योगदान दे रहा है। इस तरह की सहभागिता यह संदेश देती है कि मेडिकल संस्थानों की भूमिका केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज के समग्र विकास के लिए भी रणनीतिक सहयोगी बन सकते हैं।

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