भोपाल, । भोपाल जिले में 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक चलने वाले “संकल्प से समाधान” अभियान की तैयारियों की समीक्षा के लिए कलेक्टर श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने टीएल बैठक आयोजित की। इस बैठक में जिले के सभी एसडीएम, जिला पंचायत सीईओ, एडीएम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अभियान का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश शासन की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुँचाना है।
अवैध कॉलोनियों पर कड़ी कार्रवाई
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हुजूर और बैरसिया तहसील में अवैध कॉलोनियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। संबंधित कालोनाइजर पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए ताकि शासन की नीति के अनुसार भूमि एवं आवास संबंधी अनियमितताओं को रोका जा सके।
अभियान की रूपरेखा
कलेक्टर ने बताया कि अभियान चार चरणों में संचालित होगा। इसमें ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय और जिला स्तर पर वार्ड स्तरीय समितियाँ और दल गठित किए गए हैं। हर दल के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है जो लाभार्थियों के चिन्हांकन, आवेदन/शिकायतों के संग्रहण और शिविरों के संचालन में जिम्मेदार होगा।
हितग्राहियों तक लाभ सुनिश्चित
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अभियान का मकसद है कि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की किसी भी योजना से वंचित न रहे। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र में जिला पंचायत के सीईओ और नगरीय क्षेत्र में नगर निगम आयुक्त नोडल अधिकारी के रूप में जिम्मेदार होंगे। अभियान के दौरान डोर-टू-डोर व्यापक अभियान चलाया जाएगा और प्रत्येक हितग्राही का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।
मॉनीटरिंग और निरीक्षण
एसडीएम को अपने क्षेत्र में अभियान की नियमित मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, आरसीएमएस पोर्टल, सीएम हेल्पलाइन, स्कूल, कॉलेज, अस्पतालों का निरीक्षण और आरटीओ वाहनों की चैकिंग जैसी गतिविधियाँ भी अभियान का हिस्सा होंगी।
पुरस्कार और प्रोत्साहन
अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और दलों को पुरस्कार और सम्मान भी प्रदान किए जाएंगे।
कलेक्टर ने कहा कि यह अभियान विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और शासन की योजनाओं को जनता तक पहुँचाने में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
भोपाल जिले में “संकल्प से समाधान” अभियान की तैयारियाँ तेज, हितग्राहियों को मिलेगा हर योजना का लाभ
