कजलीखेड़ा-रतनपुर सड़क निर्माण के लिए मकान हटाने की तैयारी, रहवासियों ने पहले पुनर्वास फिर विस्थापन की मांग उठाई
भोपाल, 3 जून। कोलार रोड क्षेत्र स्थित ग्राम कजलीखेड़ा और कालापानी के रहवासियों के बीच उस समय चिंता बढ़ गई जब राजस्व विभाग की टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण कर सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए प्रभावित मकानों को हटाने की तैयारी की सूचना दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था और पुनर्वास सुनिश्चित किए बिना विस्थापन की कार्रवाई की जा रही है।
राजस्व अमले ने किया निरीक्षण
बुधवार को कोलार तहसील के पटवारी और राजस्व निरीक्षक ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। स्थानीय रहवासियों के अनुसार अधिकारियों ने उन्हें सूचित किया कि सड़क चौड़ीकरण परियोजना के अंतर्गत आने वाले मकानों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी और लोगों से अपना सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए कहा गया।
रहवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण और विकास कार्यों का वे विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन बिना पर्याप्त पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था के विस्थापन उचित नहीं है।
कजलीखेड़ा से रतनपुर तक होगा सड़क चौड़ीकरण
प्रशासन द्वारा कजलीखेड़ा से रतनपुर को जोड़ने वाली सड़क के चौड़ीकरण का कार्य प्रस्तावित है। परियोजना के तहत सड़क मार्ग में आने वाले कुछ मकानों और झुग्गियों को हटाया जाना है। इसी संबंध में राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पहले से ही पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी है और कई परिवारों को प्रतिदिन लंबी दूरी तय कर पानी लाना पड़ता है। ऐसे में यदि उन्हें किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाता है तो वहां जीवनयापन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अर्जुन नगर पुनर्वास का दिया जा रहा उदाहरण
प्रभावित परिवारों ने अयोध्या बायपास चौड़ीकरण परियोजना के दौरान अर्जुन नगर बस्ती के परिवारों के पुनर्वास का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी लोगों को दूरस्थ क्षेत्र में स्थानांतरित किए जाने के बाद मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ा था। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति दोबारा नहीं दोहराई जानी चाहिए।
पुनर्वास के बाद ही विस्थापन की मांग
कजलीखेड़ा और कालापानी क्षेत्र के रहवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि विस्थापन से पहले उन्हें ऐसे स्थान पर बसाया जाए जहां पेयजल, बिजली, शौचालय, सड़क और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। उनका कहना है कि उचित पुनर्वास योजना के बिना मकान हटाने की कार्रवाई का विरोध किया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से संवाद स्थापित कर मानवीय दृष्टिकोण अपनाने और विकास कार्यों के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के अधिकारों एवं सुविधाओं का भी ध्यान रखने की अपील की है।
कजलीखेड़ा में विस्थापन की तैयारी से बढ़ी चिंता, सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित परिवारों ने उठाए सवाल
