पॉल्यूशन सर्टिफिकेट एक्सपायर, हिमाचल की ‘जिला परिवहन अधिकारी सोनाली चंदेल ने अपनी ही सरकारी गाड़ी का कटवाया चालान

सिरमौर, हिमाचल । आज के समय में जब अक्सर अधिकारी नियमों से ऊपर माने जाने लगते हैं, ऐसे दौर में कुछ उदाहरण उम्मीद जगाते हैं। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां जिला परिवहन अधिकारी (RTO) सोनाली चंदेल ने यह साबित कर दिया कि कानून के सामने न कोई वीआईपी होता है और न ही कोई विशेषाधिकार। अपनी ही सरकारी गाड़ी का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट एक्सपायर पाए जाने पर उन्होंने खुद का चालान कटवाकर जुर्माना भरा, जिसके बाद उनकी हर तरफ सराहना हो रही है।
कौन हैं सोनाली चंदेल
सोनाली चंदेल हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में जिला परिवहन अधिकारी (RTO) के पद पर तैनात हैं। अपने सख्त लेकिन ईमानदार कार्यशैली के कारण उन्हें परिवहन विभाग की “लेडी सिंघम” कहा जाता है। वे नियमों के पालन को केवल आम जनता तक सीमित नहीं रखतीं, बल्कि खुद पर भी पूरी तरह लागू करती हैं।
खुद की सरकारी गाड़ी का कटवाया चालान
जानकारी के अनुसार, सोनाली चंदेल की सरकारी गाड़ी का पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) प्रमाण पत्र एक्सपायर हो गया था। जब ड्राइवर ने उन्हें इसकी जानकारी दी, तो उन्होंने बिना किसी बहाने के तुरंत नियमों के अनुसार ₹500 का चालान भर दिया। इसके साथ ही उन्होंने तत्काल नया पॉल्यूशन प्रमाण पत्र भी बनवाया। यह कदम इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि अक्सर अधिकारी इस तरह की स्थिति में चेतावनी देकर या नियमों को नजरअंदाज कर आगे बढ़ जाते हैं।
पहले भी पेश कर चुकी हैं मिसाल
यह पहली बार नहीं है जब सोनाली चंदेल ने निष्पक्षता की मिसाल पेश की हो। इससे पहले भी वे अपने पति की स्कूटी का चालान काट चुकी हैं। उस समय भी उन्होंने साफ कहा था कि कानून रिश्ते, पद और पहचान नहीं देखता।
कानून सबके लिए समान
इस पूरे मामले पर सोनाली चंदेल का स्पष्ट कहना है, कानून सबके लिए समान होता है। कानून के सामने कोई वीआईपी नहीं होता।उनका मानना है कि जब तक अधिकारी खुद नियमों का पालन नहीं करेंगे, तब तक आम जनता से नियमों का सम्मान करने की उम्मीद करना गलत है।
सोशल मीडिया पर सराहना
सोनाली चंदेल के इस कदम की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। लोग उन्हें ईमानदारी, अनुशासन और प्रशासनिक नैतिकता का उदाहरण बता रहे हैं। कई लोग यह भी कह रहे हैं कि यदि हर विभाग में ऐसे अधिकारी हों, तो कानून-व्यवस्था अपने आप मजबूत हो जाएगी।
प्रशासनिक व्यवस्था के लिए प्रेरणादायक उदाहरण
हिमाचल प्रदेश की ‘लेडी सिंघम’ सोनाली चंदेल का यह कदम न केवल परिवहन विभाग के लिए, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि सख्ती और ईमानदारी अगर साथ चलें, तो जनता का भरोसा खुद-ब-खुद मजबूत होता है।



