कांग्रेस प्रवक्ता ने सीएम पुत्र के विवाह में ऑफिशियल ड्यूटी लगाए जाने पर जताई आपत्ति
भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सुपुत्र के विवाह समारोह को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता एवं राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य संगीता शर्मा ने विवाह आयोजन पर शुभकामनाएँ देते हुए भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उज्जैन में हुए इस विवाह में सरकारी संसाधनों का खुलकर उपयोग हुआ और जनसंपर्क विभाग के 26 अधिकारी-कर्मचारियों को वीआईपी मेहमानों की कवरेज व व्यवस्थाओं के लिए ड्यूटी पर भेजा गया, जो स्पष्ट रूप से प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग का मामला है।
सरकारी मशीनरी का निजी कार्यक्रम में उपयोग?
संगीता शर्मा ने सवाल उठाया कि क्या अब सरकारी अधिकारी भी निजी विवाह कार्यक्रमों में ऑफिशियल ड्यूटी पर तैनात किए जाएंगे? उन्होंने कहा कि जब विवाह को सामूहिक विवाह सम्मेलन के तहत सम्पन्न बताया गया, तो ऐसे में भारी तामझाम, अधिकारियों की तैनाती और सरकारी संसाधनों की भागीदारी की क्या आवश्यकता थी? उनका आरोप है कि प्रदेश सरकार जनता के कार्यों को छोड़कर VIP आयोजनों को प्राथमिकता दे रही है।
भाजपा में संवेदनशीलता का अभाव: कांग्रेस
संगीता शर्मा ने गुजरात के वडोदरा में भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के कार्यक्रम का भी उदाहरण दिया, जहां एक सुरक्षा कर्मी मंच के पास बेहोश होकर गिर पड़ा, लेकिन न भाषण रोका गया और न ही किसी नेता ने उसकी सहायता के लिए कदम बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जो नेतृत्व मंच पर गिरने वाले अपने ही सुरक्षाकर्मी की चिंता नहीं करता, वह जनता के दुख-दर्द को क्या समझेगा?
कांग्रेस ने दोनों घटनाओं को भाजपा नेतृत्व की संवेदनहीनता, सरकारी संसाधनों के राजनीतिक उपयोग और प्रशासनिक मर्यादाओं के उल्लंघन का प्रतीक बताया है।
यह मामला अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है और विपक्ष ने इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है।
VIP विवाह विवाद पर राजनीति तेज: संगीता शर्मा ने उठाए सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के सवाल
