बच्चों और अभिभावकों तक पहुंचेगी सरल, वैज्ञानिक और प्रमाण-आधारित स्वास्थ्य जानकारी
भोपाल। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एम्स भोपाल के बाल रोग विभाग और सेट समिति की ओर से बाल चिकित्सा स्वास्थ्य जागरूकता केंद्र का शुभारंभ किया गया। केंद्र का उद्देश्य बच्चों, अभिभावकों और समुदाय को बाल स्वास्थ्य से जुड़ी सही और वैज्ञानिक जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। डीन (अकादमिक) प्रो. डॉ. रजनीश जोशी, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. विकास गुप्ता, बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. शिखा मलिक, केंद्र के प्रभारी डॉ. योगेंद्र यादव सहित चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
10 स्वास्थ्य पुस्तिकाओं का विमोचन
केंद्र के शुभारंभ पर बाल स्वास्थ्य से संबंधित 10 स्वास्थ्य शिक्षा पुस्तिकाओं, रोगी एवं अभिभावक जागरूकता वीडियो और जागरूकता पोस्टरों का अनावरण किया गया। सामग्री गर्भवती महिलाओं, नवजात और बच्चों के माता-पिता, परिवार के सदस्यों, देखभालकर्ताओं, आशा-एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
इन सामग्रियों में बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की वैज्ञानिक और व्यावहारिक जानकारी सरल भाषा में दी गई है। इसका उद्देश्य अभिभावकों को बच्चों की स्वास्थ्य जरूरतों को समझने और बीमारी की स्थिति में समय पर उचित कदम उठाने में मदद करना है।
वैज्ञानिक स्वास्थ्य शिक्षा पर जोर
कार्यक्रम में प्रो. डॉ. शिखा मलिक ने केंद्र की परिकल्पना और उद्देश्यों की जानकारी दी। प्रो. डॉ. संजीव कुमार ने सेट सुविधा और उसकी टीम के कार्यों एवं उपलब्धियों का परिचय दिया।
मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर ने कहा कि बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में जागरूकता और वैज्ञानिक स्वास्थ्य शिक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। बच्चों और उनके परिवारों तक सही एवं प्रमाण-आधारित जानकारी पहुंचाने के लिए ऐसी पहल जरूरी है।
केंद्र की स्थापना बाल रोग विभाग और सेट समिति के सामूहिक प्रयासों से हुई है। इसके माध्यम से एम्स भोपाल चिकित्सा सेवाओं के साथ स्वास्थ्य शिक्षा और जन-जागरूकता को भी बाल स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने का प्रयास कर रहा है।
