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एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 पर नारकोटिक्स विंग इंदौर का एकदिवसीय वेबिनार

भोपाल। मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों की विवेचना को कानूनी रूप से और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस की नारकोटिक्स विंग, इंदौर द्वारा 03 जनवरी 2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के आज्ञापक (Mandatory) प्रावधानों पर आधारित एकदिवसीय ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वेबिनार में प्रदेशभर के जिला पुलिस बल एवं विभिन्न इकाइयों में पदस्थ अनुसंधान अधिकारियों को महत्वपूर्ण कानूनी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

धारा 50 के अनिवार्य प्रावधानों पर विशेष फोकस

वेबिनार का मुख्य उद्देश्य एनडीपीएस मामलों में धारा 50 के अक्षरशः पालन को सुनिश्चित करना रहा, क्योंकि न्यायालयों में कई मामलों में केवल प्रक्रियात्मक त्रुटियों के कारण अभियोजन कमजोर पड़ जाता है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से विवेचकों को यह स्पष्ट किया गया कि तलाशी की प्रक्रिया के दौरान किन कानूनी बिंदुओं का पालन अनिवार्य है और किन परिस्थितियों में धारा 50 लागू होती है।

वरिष्ठ अधिवक्ता अभिजीत सिंह राठौड़ का मार्गदर्शन

वेबिनार में  अभिजीत सिंह राठौड़, शासकीय अभिभाषक (GP), इंदौर ने व्याख्याता के रूप में भाग लिया। उन्होंने एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के अनिवार्य प्रावधान, व्यक्ति की तलाशी की विधिक प्रक्रिया तथा इस धारा पर आधारित न्यायिक दृष्टिकोण और महत्वपूर्ण निर्णयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से बताया कि विवेचना में की गई छोटी-सी चूक भी किस प्रकार पूरे प्रकरण को कमजोर कर सकती है।

प्रदेशभर के 1600 से अधिक अधिकारी हुए लाभान्वित

इस ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम में
सहायक उप निरीक्षक (ASI) से लेकर निरीक्षक स्तर तक के लगभग 1600 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी प्रदेशभर से जुड़े। बड़ी संख्या में विवेचकों की सहभागिता यह दर्शाती है कि एनडीपीएस मामलों में कानूनी समझ को लेकर पुलिस विभाग गंभीर और सजग है।

विवेचना को कानूनी रूप से मजबूत बनाने की पहल

नारकोटिक्स विंग द्वारा आयोजित इस वेबिनार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि एनडीपीएस प्रकरणों में कानूनी प्रक्रियाओं का पूर्ण पालन हो, अदालत में मामले तकनीकी आधार पर कमजोर न पड़ें और दोषियों को कानूनी खामियों का लाभ न मिल सके

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