भोपाल ।। Madhya Pradesh में पुलिस विभाग की तकनीकी भर्ती प्रक्रिया अब अगले महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है। प्रधान आरक्षक (कंप्यूटर) और सहायक उप निरीक्षक (कंप्यूटर) पदों के लिए आयोजित ऑनलाइन परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा (PPT) 7 जून से 9 जून 2026 तक आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा भोपाल और जबलपुर के दो प्रमुख केंद्रों पर होगी।
भर्ती प्रक्रिया Madhya Pradesh Employees Selection Board (ESB) द्वारा संचालित की जा रही है। कुल 89 पदों के लिए मार्च 2026 में ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम 8 मई को घोषित किया जा चुका है।
अब चयन प्रक्रिया का अगला चरण केवल शारीरिक क्षमता का परीक्षण नहीं, बल्कि दस्तावेज सत्यापन और डिजिटल पहचान प्रमाणीकरण की भी महत्वपूर्ण परीक्षा माना जा रहा है।
तकनीकी पद, लेकिन शारीरिक परीक्षा क्यों जरूरी?
कई अभ्यर्थियों के मन में यह सवाल रहता है कि कंप्यूटर आधारित पुलिस पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा क्यों ली जाती है। पुलिस प्रशासन विशेषज्ञों के अनुसार, भले ही ये पद तकनीकी प्रकृति के हों, लेकिन उम्मीदवार अंततः पुलिस बल का हिस्सा बनते हैं। ऐसे में न्यूनतम शारीरिक फिटनेस आवश्यक मानी जाती है।
इस भर्ती में अभ्यर्थियों को 800 मीटर दौड़ पूरी करनी होगी। इसके साथ दस्तावेज परीक्षण भी किया जाएगा। परीक्षा केंद्र:
Lal Parade Ground, जहांगीराबाद, भोपाल
6th Battalion SAF Parade Ground
निर्धारित किए गए हैं।
आधार ई-केवाईसी पर विशेष जोर
इस भर्ती प्रक्रिया की एक महत्वपूर्ण विशेषता आधार आधारित ई-केवाईसी सत्यापन है। चयन के विभिन्न चरणों में उम्मीदवारों की पहचान डिजिटल माध्यम से सत्यापित की जाएगी। इसके लिए अभ्यर्थियों को अपना आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य किया गया है।
पुलिस भर्ती विशेषज्ञों के अनुसार हाल के वर्षों में कई भर्ती परीक्षाओं में फर्जी पहचान, डुप्लीकेट अभ्यर्थियों और दस्तावेज धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए डिजिटल सत्यापन प्रक्रिया को मजबूत किया गया है।
अभ्यर्थियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उनका आधार नंबर “लॉक” न हो, अन्यथा ई-केवाईसी प्रक्रिया बाधित हो सकती है।
केवल एडमिट कार्ड नहीं, मूल दस्तावेज भी जरूरी
भर्ती अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों को केवल सूचना पत्र डाउनलोड कर पहुंचना पर्याप्त नहीं होगा। दस्तावेज परीक्षण के दौरान मूल प्रमाण-पत्र और उनकी स्वयं प्रमाणित छायाप्रतियां साथ लाना अनिवार्य होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार दस्तावेज परीक्षण में सबसे अधिक समस्याएं निम्न कारणों से सामने आती हैं:
नाम या जन्मतिथि में अंतर
जाति प्रमाण पत्र की वैधता
निवास प्रमाण पत्र में त्रुटि
फोटो पहचान पत्र में असमानता
अधूरे दस्तावेज
इसीलिए अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले सभी दस्तावेजों का मिलान करने की सलाह दी जा रही है।
भर्ती प्रक्रिया में बदलाव का संकेत
पिछले कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में पुलिस भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया गया है। ऑनलाइन परीक्षा, बायोमेट्रिक सत्यापन और ई-केवाईसी इसी दिशा का हिस्सा माने जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में पुलिस भर्ती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी, फेस रिकग्निशन और लाइव डेटा वेरिफिकेशन जैसी तकनीकों का उपयोग और बढ़ सकता है।
अभ्यर्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सलाह
भर्ती अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि:
अभ्यर्थी केवल निर्धारित तारीख और केंद्र पर ही उपस्थित हों
परीक्षा स्थल और तिथि में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा
समय से पहले पहुंचना जरूरी होगा
शारीरिक परीक्षा के लिए स्वास्थ्य और फिटनेस का ध्यान रखें
Gopal Singh Dhakad ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे Madhya Pradesh Employees Selection Board की आधिकारिक वेबसाइट से सूचना पत्र डाउनलोड कर सभी निर्देशों का पालन करें।
युवाओं के लिए क्यों अहम है यह भर्ती?
मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरियों, विशेषकर पुलिस भर्ती, को लेकर युवाओं में लगातार बड़ा आकर्षण बना हुआ है। तकनीकी पदों की यह भर्ती उन उम्मीदवारों के लिए विशेष महत्व रखती है जिनके पास कंप्यूटर और आईटी से जुड़ी योग्यता है लेकिन वे वर्दी सेवा में करियर बनाना चाहते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में साइबर अपराध, डिजिटल निगरानी और डेटा आधारित पुलिसिंग बढ़ने के साथ पुलिस विभाग में तकनीकी दक्ष कर्मचारियों की मांग और बढ़ेगी। ऐसे में यह भर्ती केवल नौकरी नहीं, बल्कि आधुनिक पुलिसिंग ढांचे का हिस्सा बनने का अवसर भी मानी जा रही है।
एमपी पुलिस कंप्यूटर भर्ती का अगला चरण शुरू, 7 जून से होगी शारीरिक दक्षता परीक्षा; अभ्यर्थियों के लिए आधार ई-केवाईसी अनिवार्य
