भोपाल/बालाघाट, । मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के लांजी थाना क्षेत्र अंतर्गत जीआरबी डिवीजन में हॉकफोर्स और सीआरपीएफ कोबरा (B-207) की संयुक्त टीम ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की। यह मुठभेड़ 20 मई की दोपहर बिलालकसा ग्राम से लगे घने जंगल क्षेत्र में हुई, जहां 15 से 20 सशस्त्र नक्सलियों ने पुलिस बल पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी।
आसूचना के आधार पर शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन
बालाघाट पुलिस को 19 मई को सूचना मिली थी कि डाबरी चौकी क्षेत्र के जंगलों में 10 से 15 नक्सली छिपे हुए हैं। इस आसूचना के बाद 20 मई को तड़के हॉकफोर्स और सीआरपीएफ कोबरा की कुल 12 टीमें संयुक्त रूप से जंगल में सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना की गईं।
दोपहर करीब 2 बजे जैसे ही एक हॉकफोर्स टीम बिलालकसा के जंगल क्षेत्र में पहुंची, सूखे पत्तों की आवाज़ से उनकी उपस्थिति का अंदेशा नक्सलियों को हो गया। इसके बाद नक्सलियों ने 20-30 राउंड फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी संतुलित फायरिंग करते हुए मोर्चा संभाला, जिससे नक्सली घबराकर जंगलों की ओर भाग निकले।
मौके से बरामद हुआ नक्सल सामग्री का जखीरा
मुठभेड़ के बाद जब सुरक्षाबलों ने घटनास्थल की सघन तलाशी ली, तो नक्सलियों द्वारा उपयोग की जा रही सोलर प्लेट, दवाइयाँ और दैनिक उपयोग की वस्तुएँ बरामद की गईं। इन सामग्रियों से साफ है कि नक्सली इस इलाके में लंबे समय से सक्रिय थे और ठहराव बनाए हुए थे।
पुलिस ने इलाके को घेरा, तलाशी अभियान जारी
नक्सलियों के भागने की दिशा में हॉकफोर्स और कोबरा की टीमें पहले से ही तैनात कर दी गई थीं, जो लगातार जंगलों में तलाशी अभियान चला रही हैं। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा दृष्टि से हाई अलर्ट पर रखा गया है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
मध्यप्रदेश के नक्सल मोर्चे पर बड़ी कामयाबी
यह मुठभेड़ बालाघाट, डिंडोरी और मंडला जिलों में सक्रिय नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। नक्सली संगठन एम०एम०सी० (मध्य भारत माओवादी समिति) जोन द्वारा क्षेत्र में पिछले कुछ समय से गतिविधियाँ तेज़ की जा रही थीं, जिन पर अब सुरक्षाबलों की निगरानी और जवाबी कार्रवाई सख्त हो गई है।
बालाघाट: जीआरबी डिवीजन में नक्सलियों और पुलिस के बीच मुठभेड़, हॉकफोर्स और कोबरा की संयुक्त कार्रवाई में जब्त हुआ नक्सली सामान
