भोपाल में अवैध निर्माण पर नगर निगम की सख्ती, एक दिन में 228 नोटिस जारी

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में आयुक्त ने ली बैठक, संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता से चिन्हित करने के निर्देश

भोपाल। मा. सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में भोपाल नगर निगम ने अवैध निर्माण और भवन संबंधी मामलों को लेकर कार्रवाई तेज कर दी है। नगर निगम आयुक्त ने 8 अगस्त 2026 को शाम 5 बजे भवन अनुज्ञा शाखा के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में सभी नगर निवेशक, सहायक यंत्री, उप यंत्री और क्लेरिकल स्टाफ मौजूद रहा। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में फील्ड सर्वे शुरू करने और संबंधित मामलों में नियमानुसार नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

न्यायालयीन मामलों की होगी अलग निगरानी

अधिकारियों को अपने जोन से जुड़े सभी न्यायालयीन प्रकरणों की सूची अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन मामलों में स्थगन या यथास्थिति के आदेश हैं, उन्हें संबंधित न्यायालयीन आदेश की प्रति के साथ अलग से चिन्हित किया जाएगा।

इसके अलावा पहले से चल रहे मामलों में क्रियान्वयन और स्पीकिंग ऑर्डर की स्थिति की जानकारी जुटाकर अगले सप्ताह की जाने वाली कार्रवाई की सूची तैयार करने को कहा गया है।

नदी, तालाब और ग्रीन बेल्ट पर विशेष नजर

नगर निगम संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध निर्माण के मामलों को प्राथमिकता से चिन्हित करेगा। इनमें नदी और तालाब के किनारे के क्षेत्र, ग्रीन बेल्ट, बफर जोन और कैचमेंट क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सामने आने वाले प्रकरणों की अलग से निगरानी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अवैध मैरिज गार्डन को भी नोटिस

बैठक में अवैध मैरिज गार्डन के मामलों में भी नियमानुसार नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे मामलों की पहचान कर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

विधानसभा क्षेत्रों में 228 नोटिस जारी

नगर निगम की ओर से 9 अगस्त को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में कुल 228 नोटिस जारी किए गए। आंकड़ों के अनुसार नरेला विधानसभा क्षेत्र में 60, गोविंदपुरा में 51, हुजूर में 45, उत्तर विधानसभा में 38, मध्य विधानसभा में 19 और दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में 15 नोटिस जारी किए गए।

नगर निगम की इस कार्रवाई को अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की निगरानी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Exit mobile version