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भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल में ट्राइबल आर्ट कैंप एंड फेयर 2026, 10 राज्यों के 60 से अधिक आदिवासी कलाकार होंगे शामिल

भोपाल। भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल (BLF) के अंतर्गत आदिवासी कला और संस्कृति को समर्पित एक भव्य आयोजन होने जा रहा है। भारत भवन में 9 से 11 जनवरी 2026 तक ट्राइबल आर्ट कैंप एंड फेयर 2026 का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय इस विशेष आयोजन में देश के 10 राज्यों से आए 60 से अधिक आदिवासी कलाकार अपनी पारंपरिक और दुर्लभ कलाओं का प्रदर्शन करेंगे।

10 राज्यों की आदिवासी कला एक मंच पर
इस ट्राइबल आर्ट फेयर में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों के कलाकार भाग लेंगे। मेले में गोंड, बैगा, भील, पिथोरा, वारली और भारिया चित्रकला सहित प्राकृतिक रंगों से निर्मित कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। इसके साथ ही बांस शिल्प, लकड़ी शिल्प, लोहे के शिल्प और सजावटी आदिवासी वस्तुएं दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण होंगी।

लुप्तप्राय कलाओं पर विशेष फोकस
इस वर्ष आयोजन में विशेष रूप से लुप्तप्राय और दुर्लभ आदिवासी कला परंपराओं पर ध्यान दिया जाएगा। गोंडना कला और मुरिया कला जैसी विलुप्त होती परंपराओं को मंच देकर उन्हें संरक्षित और प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।

सिर्फ प्रदर्शनी नहीं, सांस्कृतिक संवाद मंच
ट्राइबल आर्ट कैंप केवल एक कला प्रदर्शनी नहीं, बल्कि एक समग्र सांस्कृतिक और शैक्षणिक संवाद मंच है। इसमें दूसरी और तीसरी पीढ़ी के युवा आदिवासी कलाकार भी भाग लेंगे, जो अपनी पारंपरिक कला को समकालीन समाज से जोड़ने के नए रास्ते तलाश रहे हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत पैनल चर्चाएं, कलाकार परामर्श सत्र, 18 से 34 वर्ष के युवा कलाकारों के लिए फोकस्ड ग्रुप डिस्कशन और वरिष्ठ कलाकारों के अनुभव साझा करने के सत्र आयोजित होंगे।

लाइव वर्कशॉप और सांस्कृतिक संध्याएं
तीनों दिन लाइव वर्कशॉप के माध्यम से आदिवासी चित्रकला, बांस शिल्प, लकड़ी शिल्प, गोंडना कला और पारंपरिक आभूषण निर्माण की प्रक्रिया का सजीव प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही आदिवासी कला एवं संस्कृति पर आधारित क्विज़ का आयोजन भी होगा। सांस्कृतिक संध्याओं में आदिवासी नृत्य, संगीत, लोकगीत और कहानी-कथन की प्रस्तुतियां दर्शकों को एक जीवंत अनुभव देंगी।

आदिवासी कला को वैश्विक पहचान का लक्ष्य
बीएलएफ के फेस्टिवल डायरेक्टर राघव चंद्रा ने बताया कि ट्राइबल आर्ट कैंप एंड फेयर को एक दीर्घकालिक सांस्कृतिक आंदोलन के रूप में विकसित करने का उद्देश्य है, जिससे आदिवासी कलाकारों को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच मिले, सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिले और समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आए।

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