
पांच सूत्रीय मांगों को लेकर दोपहर 2 बजे वल्लभ भवन का घेराव, मुख्यमंत्री को सौंपेंगे ज्ञापन
भोपाल । मध्यप्रदेश में शासकीय कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर असंतोष एक बार फिर सड़कों पर उतरने जा रहा है। भोपाल में विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने संयुक्त रूप से 16 जनवरी 2026 को मंत्रालय वल्लभ भवन के घेराव का ऐलान किया है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है, जिसके चलते आंदोलन का रास्ता अपनाना मजबूरी बन गया है। कर्मचारी संगठनों के अनुसार, 16 जनवरी को दोपहर 2:00 बजे मंत्रालय वल्लभ भवन का घेराव किया जाएगा और इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। यह आंदोलन कर्मचारी मंच, मंत्रालय अधिकारी कर्मचारी संघ, तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, वाहन चालक कर्मचारी संघर्ष मोर्चा और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मोर्चा द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। आंदोलन का आवाहन इंजीनियर सुधीर नायक, विजय मिश्रा, अनिल भार्गव, वायु मयूर उपाध्याय, राजकुमार पटेल, सत्येंद्र पांडे, चांद सिंह थावरिया, भील भानु प्रताप सिंह, हरि सिंह दरबार, प्रीतम सिंह मेहर, हरि सिंह, गुड्डू गुर्जर, लव प्रकाश पाराशर, नितिन गुप्ता, घनश्याम कटारे, सुनील पाठक और अभिमन्यु विश्वकर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने किया है।
कई संगठनों ने दिया समर्थन
इस प्रस्तावित आंदोलन को मध्य प्रदेश सर्वजन न्याय मंच, ग्रामीण डाक कर्मचारी संघर्ष मोर्चा, और संवर्ग अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा समेत कई संगठनों ने समर्थन देने की घोषणा की है। इससे आंदोलन के और व्यापक होने की संभावना जताई जा रही है।
सरकार पर अनदेखी का आरोप
मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार को बने दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन इस दौरान कर्मचारियों की एक भी प्रमुख मांग को मंजूरी नहीं दी गई। न तो कर्मचारी संगठनों से संवाद किया गया और न ही न्यायालयों के आदेशों का पूरा लाभ कर्मचारियों को दिया जा रहा है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारियों का कहना है कि पदोन्नति प्रक्रिया लंबे समय से ठप पड़ी है। केंद्र के समान 3 प्रतिशत डीए नहीं दिया गया। उच्च न्यायालय के आदेशों का लाभ कर्मचारियों को नहीं मिल रहा। 22 दिसंबर 2025 को जारी कथित कर्मचारी विरोधी आदेश को निरस्त किया जाए। उच्च न्यायालय जबलपुर के 6 जनवरी 2026 के आदेश को लागू कर कर्मचारियों को उसका लाभ दिया जाए।



