भोपाल रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी कर रहे C&W कर्मचारी के साथ RPF द्वारा की गई मानसिक प्रताड़ना, बिना साक्ष्य के ठहराया दोषी

भोपाल, । भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक 4/5/6 पर रात की शिफ्ट में ड्यूटी कर रहे C&W विभाग के अधीनस्थ सीनियर सेक्शन इंजीनियर असद अहमद के साथ कथित रूप से रेलवे सुरक्षा बल (RPF) द्वारा की गई मनोवैज्ञानिक प्रताड़ना ने रेलवे कर्मचारियों में आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, असद अहमद की ड्यूटी 15 मई की मध्यरात्रि 00:08 बजे शुरू हुई थी। रात्रि 01:09 पर प्लेटफॉर्म क्रमांक 4 पर गाड़ी संख्या 19302 का आगमन हुआ और यह 01:16 बजे प्रस्थान कर गई। ट्रेन के प्रस्थान के तुरंत बाद ACP (अलार्म चेन पुलिंग) की घटना हुई, जिसे ड्यूटी पर तैनात असद अहमद ने समय पर PUT RIGHT कर शिफ्ट सुपरवाइजर को जानकारी दी।

घटना के समय RPF स्टाफ मौके पर मौजूद था और उन्होंने दो संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ने का दावा भी किया। इसके बावजूद, करीब 01:45 बजे असद अहमद को उनके कार्यालय से सूचना मिली कि उन्हें पूछताछ के लिए RPF थाने बुलाया गया है।

बिना किसी प्रमाण या प्रारंभिक जांच के, उन्हें ACP की घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया गया और लगभग एक घंटे तक थाने में हिरासत में रखकर डराया-धमकाया गया। असद अहमद का आरोप है कि उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान शिफ्ट सुपरवाइजर से कोई सहयोग नहीं मिला, और अंततः निर्दोष होने के बावजूद उन्हें रिहाई के लिए हाथ-पैर जोड़ने पड़े। RPF द्वारा उनके व्यक्तिगत विवरण भी दबाव में लेकर चार्जशीट तैयार की गई।

असद अहमद ने RPF स्टाफ पर यह आरोप भी लगाया कि उनका रवैया अत्यंत असंवेदनशील था और “गलती किसी की भी हो, जब कोई दोषी नहीं मिलता तो C&W स्टाफ को टार्गेट बना लिया जाता है।” यह घटना स्पष्ट रूप से भोपाल रेलवे स्टेशन पर C&W कर्मचारियों के उत्पीड़न का एक उदाहरण बन गई है।

C&W स्टाफ की मांगें:

1. घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए।


2. RPF द्वारा की गई मानसिक प्रताड़ना और नियमविरुद्ध कार्रवाई पर प्रशासनिक कार्रवाई हो।


3. भविष्य में C&W कर्मचारियों की गरिमा एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।



इस पूरे प्रकरण ने रेलवे कर्मचारियों में यह भावना उत्पन्न की है कि अगर आज एक निर्दोष कर्मचारी को अपराधी बना दिया गया है, तो कल कोई और C&W कर्मचारी इसी अन्याय का शिकार बन सकता है।

रेल प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह इस गंभीर मामले का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से बचने हेतु कड़े कदम उठाए.

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