
भोपाल। नववर्ष 2026 की पहली मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में राजधानी भोपाल में संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने मीडिया को कैबिनेट के फैसलों की विस्तृत जानकारी दी। इन निर्णयों का सीधा लाभ किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों और परिवहन व्यवस्था से जुड़े लाखों नागरिकों को मिलेगा।
नेपानगर और बुरहानपुर की सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने नेपानगर और बुरहानपुर जिले की महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इससे इन क्षेत्रों में कृषि उत्पादन बढ़ाने, जल उपलब्धता सुनिश्चित करने और किसानों की आय में वृद्धि की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
नर्मदा घाटी विकास परियोजनाओं को मिलेगा नया वित्तीय मॉडल
नर्मदा घाटी विकास विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने अहम निर्णय लेते हुए नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित सिंचाई योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के लिए नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्तपोषण को स्वीकृति दी है। इससे लंबित परियोजनाओं को गति मिलेगी और नर्मदा बेसिन क्षेत्र में जल प्रबंधन मजबूत होगा।
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान योजना को जारी रखने की मंजूरी
मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान योजना को जारी रखने की मंजूरी दी गई है। यह योजना जनजातीय क्षेत्रों में सड़क संपर्क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ाने में सहायक होगी।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जारी रहेगी
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) को जारी रखने की स्वीकृति दी है। इसके अंतर्गत प्रधानमंत्री सड़क योजना फेज-1 और फेज-2 के शेष कार्यों को पूरा करने के लिए राज्य पोषित निरंतर योजना को मंजूरी दी गई है। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।
ग्रामीण सड़कों के नवीनीकरण और उन्नयन को हरी झंडी
ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित सड़कों के नवीनीकरण और उन्नयन के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इससे जर्जर सड़कों की मरम्मत, सुरक्षा और परिवहन सुविधा बेहतर होगी।
मोटरयान कर अधिनियम में संशोधन को मंजूरी
परिवहन विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम की
प्रथम और द्वितीय अनुसूची में धारा 23 के अंतर्गत संशोधन को मंजूरी दी है। इससे राज्य में वाहन कर प्रणाली को अधिक व्यावहारिक और सुगम बनाने की दिशा में सुधार होगा।
समग्र विकास की ओर मोहन सरकार
कैबिनेट के ये फैसले स्पष्ट संकेत देते हैं कि मोहन सरकार कृषि, ग्रामीण विकास, सड़क बुनियादी ढांचे और परिवहन सुधार को प्राथमिकता देते हुए राज्य के समग्र और संतुलित विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है।



