
खरगोन/भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस की मुस्तैदी, तकनीकी दक्षता और निरंतर प्रयासों ने एक मासूम की जान बचा ली। खरगोन जिले के खंगवाड़ा गांव से 22 दिन पहले लापता हुए 6 वर्षीय बच्चे को पुलिस ने नरबलि से ठीक पहले सुरक्षित बरामद कर लिया। इस सनसनीखेज मामले में तांत्रिक सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे गहन पूछताछ जारी है।
1000 से अधिक CCTV फुटेज खंगालकर सुराग तक पहुंची पुलिस
बच्चे के लापता होने के बाद पुलिस ने मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया। जिले और आसपास के क्षेत्रों में लगे 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। तकनीकी विश्लेषण और फील्ड इनपुट के आधार पर पुलिस 22वें दिन उस इलाके तक पहुंची, जहां संदिग्ध गतिविधियां दर्ज हुई थीं।
तांत्रिक पर शक, पूछताछ में खुला राज
स्थानीय लोगों से पूछताछ में जानकारी मिली कि इलाके में एक तांत्रिक रहता है, जो जमीन से गड़ा धन निकालने का दावा करता है। पुलिस ने बताए गए पते पर दबिश दी और तांत्रिक को हिरासत में लिया। सीसीटीवी फुटेज से उसके चेहरे का मिलान हुआ, जिसके बाद कड़ाई से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी टूट गया और पुलिस को बच्चे के पास ले गया।
बेहोशी की हालत में मिला बच्चा, अस्पताल में बची जान
मौके पर पुलिस ने देखा कि बच्चा बेहोशी की हालत में पड़ा था। आरोपी ने स्वीकार किया कि 22 दिनों से बच्चे को न खाना दिया गया था और न पानी, क्योंकि तांत्रिक मान्यताओं के अनुसार नरबलि से पहले ऐसा किया जाता है। आरोपी ने यह भी बताया कि उसी शाम बच्चे की नरबलि दी जानी थी।
पुलिस ने तत्काल बच्चे को अस्पताल पहुंचाया। दो-तीन घंटे चले इलाज के बाद बच्चे को होश आया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और उसे सकुशल उसके पिता को सौंप दिया गया है।
चार आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
इस मामले में तांत्रिक सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर थाने लाया गया है। पुलिस उनसे यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस अपराध के पीछे कोई संगठित गिरोह तो नहीं और क्या इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं।
मध्य प्रदेश पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक बड़ी आपराधिक साजिश को नाकाम करती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि तकनीक, सतर्कता और दृढ़ इच्छाशक्ति से सबसे जघन्य अपराधों को भी रोका जा सकता है।



