आंचलिक विज्ञान केंद्र भोपाल में Axiom Mission 4 की लाइव स्ट्रीमिंग, भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के अंतरिक्ष जाने पर उत्साह

भोपाल। को आंचलिक विज्ञान केंद्र ने एक ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनते हुए स्पेस एक्स और नासा द्वारा प्रक्षेपित Axiom Mission 4 की लाइव स्ट्रीमिंग का आयोजन किया। इस अवसर पर विज्ञान प्रेमियों, छात्रों और आम नागरिकों के लिए केंद्र परिसर में विशाल प्रोजेक्शन स्क्रीन के माध्यम से इस महत्वपूर्ण मिशन का सीधा प्रसारण किया गया।
इस आयोजन का उद्देश्य न केवल जनता को लाइव प्रक्षेपण से जोड़ना था, बल्कि उन्हें इस मिशन की वैज्ञानिक और राष्ट्रीय महत्ता से भी परिचित कराना था। इस अवसर पर एक इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें श्री साकेत सिंह कौरव, केंद्र के क्यूरेटर ‘ई’ एवं परियोजना समन्वयक, ने मिशन के तकनीकी पहलुओं, वैज्ञानिक उद्देश्य और विशेष रूप से भारत के लिए इसके महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
41 साल बाद भारत का दूसरा अंतरिक्ष यात्री
इस मिशन की विशेषता यह रही कि इसमें भारत के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को भी शामिल किया गया, जो विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष जाने वाले दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री बन गए हैं। शुभांशु शुक्ला की यह उड़ान भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है। 1984 में राकेश शर्मा के ‘सारे जहाँ से अच्छा’ कहने के बाद यह पहली बार है जब कोई भारतीय फिर से अंतरिक्ष की यात्रा कर रहा है।
छात्रों और युवाओं में दिखा भारी उत्साह
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्रों ने भाग लिया। उन्होंने न केवल लाइव लॉन्च देखा बल्कि अंतरिक्ष विज्ञान, मिशन की तैयारियों, और अंतरिक्ष यात्रियों के प्रशिक्षण के बारे में कई प्रश्न भी पूछे, जिनका उत्तर साकेत सिंह कौरव द्वारा सरल और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से दिया गया। इससे छात्रों में वैज्ञानिक सोच को बल मिला और युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति प्रेरणा मिली।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है Axiom Mission 4
यह मिशन भारत के अंतरिक्ष सहयोग की वैश्विक उपस्थिति को दर्शाता है।
भारतीय अंतरिक्ष यात्री की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष मिशन में भागीदारी, देश की वैज्ञानिक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों पर ले जाती है।
Axiom मिशन का उद्देश्य व्यावसायिक अंतरिक्ष यात्रा, अनुसंधान, और अंतरिक्ष में दीर्घकालिक मानव उपस्थिति के नए रास्ते खोलना है।