State

शहीद जवान प्रमोद जाधव को अंतिम विदाई, सातारा की धरती हुई नम, आठ घंटे की नवजात बेटी और स्ट्रेचर पर आई पत्नी ने तोड़ दिया हर दिल

सातारा (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के सातारा जिले में जब भारतीय सेना के वीर जवान प्रमोद जाधव को अंतिम विदाई दी गई, तो पूरा गांव ही नहीं बल्कि पूरा क्षेत्र शोक और भावनाओं से भर उठा। हादसे में शहीद हुए जवान को अंतिम सलामी देने के लिए हजारों लोग नम आंखों के साथ उमड़ पड़े। हर चेहरा गमगीन था और हर दिल देश के इस सपूत को खोने का दर्द महसूस कर रहा था।

जब सामने आया सबसे मार्मिक दृश्य

अंतिम संस्कार के दौरान वह पल सबसे अधिक भावुक कर देने वाला था, जब शहीद जवान की पत्नी को अस्पताल से स्ट्रेचर पर अंतिम दर्शन के लिए लाया गया। शारीरिक रूप से अस्वस्थ होने के बावजूद, पति के अंतिम दर्शन की चाह उन्हें वहां तक खींच लाई। इसी दौरान उनकी महज आठ घंटे पहले जन्मी नवजात बेटी को भी गोद में लेकर लाया गया, ताकि वह अपने वीर पिता को आखिरी बार देख सके। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें छलक उठीं।

‘भारत माता की जय’ और नम आंखों से अंतिम सलामी

जैसे ही शहीद प्रमोद जाधव की पार्थिव देह तिरंगे में लिपटी हुई सामने आई, पूरा गांव
“भारत माता की जय” और “वीर जवान अमर रहें” के नारों से गूंज उठा। सेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी दी।

गांव और शहर भावुक, हर दिल में गर्व और पीड़ा

इस हृदयविदारक क्षण में एक ओर जहां शहीद के परिवार का दुख असहनीय था, वहीं दूसरी ओर लोगों के दिलों में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने का गर्व भी साफ दिखाई दे रहा था। सातारा की धरती ने अपने इस लाल को आंसुओं के साथ विदा किया, लेकिन उसकी वीरता और बलिदान को कभी नहीं भुलाया जाएगा।

वीर सपूत को शत-शत नमन

शहीद प्रमोद जाधव का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा रहेगा। उनकी नवजात बेटी के लिए उनके पिता की शहादत ही सबसे बड़ी विरासत होगी।

Related Articles