कानपुर गैंगरेप कांड: फर्जी यूट्यूबर और चौकी प्रभारी पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

कानपुर गैंगरेप केस ने झकझोरा सिस्टम, आरोपी पुलिस संरक्षण में होने का आरोप
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर से सामने आया एक दिल दहला देने वाला मामला पूरे प्रदेश में आक्रोश का कारण बन गया है। एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित रूप से गैंगरेप की घटना ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली को भी कठघरे में ला खड़ा किया है।
पीड़िता का आरोप: स्कॉर्पियो में अगवा कर जंगल में किया गया दुष्कर्म
पीड़िता के परिजनों के अनुसार, घटना परसों रात की है जब नाबालिग लड़की खेतों से शौच के बाद घर लौट रही थी। इसी दौरान स्कॉर्पियो सवार दो लोगों ने सुनसान इलाका देखकर उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया। आरोप है कि दोनों आरोपी लड़की को जंगल की ओर ले गए और बारी-बारी से दुष्कर्म किया, फिर बेहोशी की हालत में उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए।
चौकी पहुंचने पर चौंकाने वाला खुलासा
लड़की का भाई खोजते हुए मौके पर पहुंचा और उसे घर ले गया। होश में आने पर पीड़िता ने पूरी घटना बताई। इसके बाद परिवार ने डायल 112 पर सूचना दी और शिकायत दर्ज कराने चौकी पहुंचे। पीड़िता का आरोप है कि चौकी में पहुंचने पर उसने अपने साथ दुष्कर्म करने वाले दोनों लोगों को वहीं मौजूद पाया, जिनमें एक चौकी प्रभारी बताया जा रहा है।
नामजद FIR न लिखने पर थाना प्रभारी सस्पेंड
परिजनों ने इसके बाद सीधे सचेंडी थाना पहुंचकर चौकी प्रभारी अमित कुमार मौर्य और कथित फर्जी यूट्यूबर शिवबरन यादव के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया। आरोप है कि प्रारंभ में नामजद एफआईआर दर्ज नहीं की गई और मामला अज्ञात में दर्ज कर लिया गया। जब मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब पुलिस कमिश्नर ने सख्त कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी विक्रम सिंह को निलंबित कर दिया, वहीं डीसीपी दिनेश चंद्र त्रिपाठी को भी पद से हटा दिया गया।
एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरे की तलाश जारी
पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर नामजद एफआईआर दर्ज की गई। आरोपी शिवबरन यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चौकी प्रभारी अमित कुमार मौर्य की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। फिलहाल पुलिस को घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन बरामद हुआ है।





