भोपाल। जिले के कोलुआखुर्द स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जांच के दौरान दुकान में गेहूं और नमक का अतिरिक्त स्टॉक पाए जाने के बाद संबंधित स्व सहायता समूह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।
मां कंकाली स्व सहायता समूह कोलुआखुर्द द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान (कोड 2801078) की जांच कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी मयंक द्विवेदी द्वारा की गई। जांच के दौरान पीओएस (POS) मशीन में दर्ज स्टॉक और दुकान में उपलब्ध वास्तविक सामग्री का मिलान किया गया, जिसमें भारी गड़बड़ी उजागर हुई।
जांच प्रतिवेदन के अनुसार दुकान में 902 किलोग्राम गेहूं और 107 किलोग्राम नमक निर्धारित मात्रा से अधिक पाया गया। यह अतिरिक्त स्टॉक इस बात की ओर इशारा करता है कि उपभोक्ताओं को फर्जी तरीके से राशन वितरण दर्शाया गया और वास्तविक सामग्री का अवैध रूप से संग्रहण कर रखा गया था।
आपूर्ति विभाग के अनुसार, पीओएस मशीन के रिकॉर्ड में वितरण दिखाया गया, लेकिन भौतिक सत्यापन में सामग्री दुकान में ही उपलब्ध मिली। इससे यह स्पष्ट हुआ कि राशन का दुरुपयोग कर उसे बाजार में बेचने अथवा अन्य अवैध उद्देश्यों के लिए संग्रहित किया गया था।
इस गंभीर अनियमितता को संज्ञान में लेते हुए कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी मयंक द्विवेदी द्वारा 13 जनवरी 2026 को बिलखिरिया थाने में मां कंकाली स्व सहायता समूह के अध्यक्ष एवं विक्रेता के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में उचित मूल्य दुकानों की नियमित जांच जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई से क्षेत्र की अन्य राशन दुकानों में भी हड़कंप मच गया है, वहीं प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी राशन वितरण में गड़बड़ी दिखे तो तुरंत विभाग को सूचित करें।



