भोपाल: 1 अप्रैल से मध्यप्रदेश में जरूरी सेवाओं के दाम बढ़ गए हैं, जिससे आम जनता को आर्थिक बोझ झेलना पड़ेगा। बिजली बिल और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन महंगे हो गए हैं, जिससे घरेलू और व्यावसायिक वर्ग पर असर पड़ेगा।
बिजली बिल में बढ़ोतरी: 300 यूनिट पर 74 रुपये ज्यादा
प्रदेश में बिजली की दरें बढ़ा दी गई हैं, जिससे 300 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को 74 रुपये अधिक चुकाने होंगे। यह वृद्धि नए टैरिफ प्लान के तहत लागू की गई है, जो घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं दोनों पर लागू होगी।
प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन 26% तक महंगा
मध्यप्रदेश में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी भारी इजाफा किया गया है। रजिस्ट्री शुल्क में 26% तक बढ़ोतरी के कारण घर, जमीन, फ्लैट और कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो गया है। इसका सीधा असर रियल एस्टेट मार्केट पर पड़ेगा, जिससे खरीदारों और निवेशकों की जेब पर भार बढ़ेगा।
महंगाई बढ़ने के प्रमुख कारण:
बिजली दरों में संशोधन के कारण उपभोक्ताओं को ज्यादा भुगतान करना होगा।
राजस्व बढ़ाने के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क में वृद्धि की गई है।
सरकार के बजट प्रबंधन और आर्थिक नीतियों का असर दिख रहा है।
जनता पर असर:
बिजली बिल बढ़ने से आम उपभोक्ताओं की मासिक खर्च में इजाफा होगा।
प्रॉपर्टी खरीदने वालों को ज्यादा रजिस्ट्रेशन शुल्क देना पड़ेगा।
रियल एस्टेट सेक्टर पर असर पड़ सकता है, जिससे निवेश की गति धीमी हो सकती है।
क्या कहते हैं जानकार?
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, महंगाई दर और सरकारी राजस्व बढ़ाने की नीति के तहत यह बदलाव किए गए हैं। हालांकि, इससे आम लोगों की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
मध्यप्रदेश में इन बढ़ी हुई दरों का असर आने वाले महीनों में स्पष्ट रूप से दिख सकता है।
मध्यप्रदेश में महंगाई का झटका: बिजली और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के दाम बढ़े
