सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के एक गांव में कक्षा 10वीं की छात्रा ने छेड़छाड़ से परेशान होकर कीटनाशक खाकर आत्महत्या कर ली। इससे पहले उसने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और सरकार की नाकामी पर करारा तमाचा मारा जा रहा है।
इस आत्महत्या वीडियो में छात्रा ने साफ-साफ कहा कि गुंडों की डर से जीना मुश्किल हो गया है, और प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। वह वीडियो में सीधे योगी आदित्यनाथ की सरकार और एंटी रोमियो स्क्वॉड को लानत भेजती है – “करोड़ों रुपये विज्ञापन में झोंक दिए, लेकिन बेटियों को बचाने की कोई व्यवस्था नहीं की।”
एंटी रोमियो स्क्वॉड सिर्फ नाम का, धरातल पर असर नहीं
यूपी में योगी आदित्यनाथ सरकार ने 2017 में एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन किया था, ताकि छेड़छाड़ और महिला उत्पीड़न पर लगाम लगाई जा सके। शुरुआत में इसे एक बड़ी पहल माना गया, लेकिन आज यह सिर्फ पोस्टर, विज्ञापन और प्रचार तक ही सीमित रह गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद पुलिस और प्रशासन कोई सख्त कदम नहीं उठा रहा, जिससे मनचलों के हौसले बुलंद हैं।
प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा पर गहराया संकट
इस घटना ने प्रदेश भर की महिलाओं और छात्राओं में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। छात्रा की मौत ने न केवल परिवार को तोड़ा है, बल्कि पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। लोग पूछ रहे हैं —
“क्या यही है ‘सशक्त महिला, सुरक्षित समाज’ का वादा?”
प्रशासन पर लापरवाही के आरोप, जांच की मांग तेज
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन सवाल यह है कि क्या अगर समय पर कार्रवाई होती तो छात्रा की जान बचाई जा सकती थी? लोगों ने सहारनपुर प्रशासन और पुलिस विभाग पर लापरवाही और संवेदनहीनता का आरोप लगाया है।
नोट: यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर आधारित है। प्रजापारखी इसकी पुष्टि नहीं करता है।
सहारनपुर में छात्रा ने छेड़छाड़ से तंग आकर की आत्महत्या, वीडियो में योगी सरकार पर उठाए सवाल
