फर्रुखाबाद में नाबालिग किशोरी ने कलेक्ट्रेट में किया आत्मदाह का प्रयास, दारोगा पर रिश्वत लेकर कार्रवाई न करने का आरोप

फर्रुखाबाद आत्मदाह मामला एक बार फिर उत्तर प्रदेश की पुलिस व्यवस्था और न्याय प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहा है। जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक नाबालिग किशोरी ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते उसे बचा लिया, लेकिन इस घटना ने प्रशासन को हिला कर रख दिया।

किशोरी ने आरोप लगाया है कि कोतवाली फतेहगढ़ में तैनात दारोगा रक्षा सिंह ने उससे पैसों की मांग की और रिश्वत लेने के बाद भी उसके मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। किशोरी के अनुसार, उसने प्रेम विवाह किया था लेकिन शादी के कुछ ही समय बाद पति ने उसे घर से निकाल दिया।

इस पूरे प्रकरण में किशोरी ने पति पर यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन कथित रूप से उस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। पीड़िता अपने ससुराल में दोबारा रहने की मांग पर अड़ी थी, और कार्रवाई न होने पर न्याय की आस में आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाया।

यह फर्रुखाबाद में प्रेम विवाह के बाद उत्पीड़न का मामला न सिर्फ पुलिस के रवैये पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि न्याय के लिए लड़ रही महिलाओं को किस हद तक जाना पड़ता है। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर गुस्सा फूट पड़ा है और लोग दारोगा पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश पुलिस भ्रष्टाचार और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध के इस मामले ने फिर से साबित किया है कि जब तक संवेदनशीलता और जवाबदेही की भावना व्यवस्था में नहीं आती, तब तक पीड़ितों की चीखें अनसुनी ही रहेंगी।

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