13 वर्षों के असहनीय दर्द से मिली मुक्ति: एम्स भोपाल में 1 मिमी के दुर्लभ ग्लोमस ट्यूमर की सफल सर्जरी

भोपाल। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल ने एक बेहद दुर्लभ और जटिल चिकित्सकीय मामले में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। संस्थान के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सटीक क्लिनिकल परीक्षण और सूक्ष्म सर्जरी के माध्यम से 59 वर्षीय मरीज को 13 वर्षों से चली आ रही असहनीय पीड़ा से हमेशा के लिए राहत दिलाई। मरीज पिछले करीब 13 वर्षों से अपनी एक उंगली के सिरे में लगातार तेज और असहनीय दर्द से परेशान था। दर्द इतना तीव्र था कि रोजमर्रा के काम करना भी कठिन हो गया था। इस दौरान उसने देश के कई प्रतिष्ठित अस्पतालों में इलाज कराया। विभिन्न प्रकार की जांचें, जैसे नर्व टेस्ट, इमेजिंग जांच, दर्द निवारक उपचार और यहां तक कि पूर्व में एक सर्जरी भी करवाई,लेकिन दर्द का वास्तविक कारण किसी भी जगह पता नहीं चल सका। लंबे समय तक राहत न मिलने के कारण मरीज मानसिक रूप से भी हताश और निराश हो चुका था। स्थिति यहां तक पहुँच गई कि दर्द से तंग आकर वह अपनी उंगली कटवाने का मन बना चुका था। इसी निराशा भरी स्थिति में वह अंतिम उम्मीद के तौर पर एम्स भोपाल पहुँचा।
सटीक क्लिनिकल परीक्षण से हुई दुर्लभ बीमारी की पहचान
एम्स भोपाल के बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग में मरीज का गहन परीक्षण किया गया। विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. गौरव चतुर्वेदी ने लक्षणों और क्लिनिकल परीक्षण के आधार पर यह आशंका जताई कि मरीज को अत्यंत दुर्लभ प्रकार का ग्लोमस ट्यूमर हो सकता है। यह ट्यूमर सामान्य जांचों में आसानी से पकड़ में नहीं आता और अक्सर वर्षों तक अनदेखा रह जाता है। डॉ. चतुर्वेदी के सटीक निदान के बाद मरीज की सर्जरी की योजना बनाई गई। विशेषज्ञ टीम द्वारा अत्यंत सावधानीपूर्वक माइक्रो-सर्जिकल तकनीक अपनाई गई।
मात्र 1 मिलीमीटर के ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाला
सर्जरी के दौरान उंगली के पल्प क्षेत्र में छिपे केवल 1 मिलीमीटर आकार के ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल लिया गया। यह ट्यूमर आकार में बेहद छोटा था, लेकिन मरीज के असहनीय दर्द का मुख्य कारण यही था। सर्जरी पूरी होते ही मरीज को तत्काल दर्द से राहत मिल गई। इस सफल ऑपरेशन के चलते न केवल मरीज की उंगली बच गई, बल्कि वर्षों से चली आ रही पीड़ा भी पूरी तरह समाप्त हो गई। अब मरीज सामान्य जीवन जीने में सक्षम है और पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रहा है।
एम्स भोपाल की विशेषज्ञता का उत्कृष्ट उदाहरण
यह मामला एम्स भोपाल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की दक्षता, अनुभव और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का उत्कृष्ट उदाहरण है। संस्थान ने साबित किया कि जटिल और दुर्लभ बीमारियों के सटीक निदान एवं उपचार में वह राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मरीज और उसके परिजनों ने एम्स भोपाल की पूरी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान ने उन्हें नई जिंदगी दी है। इस सफलता ने यह भी सिद्ध कर दिया कि सही चिकित्सकीय मार्गदर्शन और विशेषज्ञता से असंभव दिखने वाली समस्याओं का भी समाधान संभव है।



