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एम्स भोपाल में चौथा अनुसंधान दिवस सम्पन्न

ट्रांसलेटिंग थॉट टू इम्पैक्ट” के माध्यम से शोध, नवाचार और रोगी देखभाल का सशक्त संगम

भोपाल। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल में चौथे अनुसंधान दिवस का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस वर्ष आयोजन की थीम ट्रांसलेटिंग थॉट टू इम्पैक्ट: सेलिब्रेटिंग रिसर्च अक्रॉस डिसिप्लिन्स रही, जिसका उद्देश्य चिकित्सा अनुसंधान को सीधे रोगी देखभाल, नवाचार और समाजोपयोगी स्वास्थ्य समाधानों से जोड़ना था। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि प्रयोगशालाओं में विकसित होने वाले विचार किस प्रकार बेहतर उपचार विधियों, नई चिकित्सा तकनीकों और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं के रूप में आम नागरिकों तक पहुँचते हैं।

मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में डॉ. राजीव बहल (सचिव, स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग एवं महानिदेशक, ICMR) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि डॉ. पीयूष गुप्ता (प्रधान संपादक, इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च) विशिष्ट अतिथि रहे। इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर (कार्यपालक निदेशक, एम्स भोपाल), श्री संदेश कुमार जैन (उप निदेशक–प्रशासन), प्रो. (डॉ.) रजनीश जोशी (डीन–शैक्षणिक), प्रो. (डॉ.) रेहान उल हक (डीन–रिसर्च) एवं प्रो. (डॉ.) विकास गुप्ता (कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक) सहित संकाय सदस्य, शोधार्थी, विद्यार्थी और देशभर से आए वरिष्ठ वैज्ञानिकों की सक्रिय सहभागिता रही।

वैज्ञानिक सत्रों में शोध, नवाचार और नैतिकता पर फोकस

अनुसंधान दिवस के दौरान आयोजित वैज्ञानिक सत्रों में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर पर किए जा रहे शोध कार्यों की प्रस्तुति दी गई। क्यूरियोसिटी, क्रिएटिविटी एंड द मेकिंग ऑफ यंग साइंटिस्ट्स,एक्सप्लोरेशन, वैलिडेशन एंड ट्रांसफॉर्मेटिव पोटेंशियल ऑफ पोस्टग्रेजुएट रिसर्च और एथिक्स द कॉर्नरस्टोन ऑफ रिसर्च जैसे विषयों ने युवा शोधकर्ताओं को वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान नैतिकता के महत्व से अवगत कराया। इस अवसर पर डॉ. गीतांजलि सगीना, डॉ. रोली माथुर, डॉ. ज़ाहिरुद्दीन सैयद क़ाज़ी और डॉ. कौशिक चटर्जी ने स्वास्थ्य अनुसंधान कार्यबल, चिकित्सा प्रौद्योगिकी नवाचार, त्रि-आयामी जैव-मुद्रण एवं जैव-सामग्रियों पर अपने विचार साझा किए।

नई अनुसंधान सुविधाओं का उद्घाटन

विशेष कार्यक्रम के अंतर्गत डॉ. राजीव बहल ने एम्स भोपाल की प्रमुख अनुसंधान सुविधाओं का शुभारंभ किया। इनमें बहुविषयक अनुसंधान इकाई (MRU), स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी मूल्यांकन संसाधन केंद्र (RC-HTA)। का औपचारिक उद्घाटन शामिल रहा। साथ ही उन्होंने बानी हेल्थ (बायो-इन्क्युबेशन एंड इनोवेशन इन हेल्थकेयर) गैलरी, कम्प्यूटेशनल 3D मॉडलिंग लैब और अनुसंधान दिवस पुरस्कार दीर्घा का अवलोकन किया।


पुरस्कार, पोस्टर प्रस्तुतियाँ और स्पष्ट संदेश

अनुसंधान दिवस के दौरान सर्वश्रेष्ठ शोध प्रबंध और सर्वश्रेष्ठ पीएचडी अनुसंधान पुरस्कार प्रदान किए गए। पोस्टर प्रस्तुतियाँ और हेल्थ रिसर्च एंड इनोवेशन स्टूडेंटशिप प्रोग्राम की एसओपी का विमोचन भी आकर्षण का केंद्र रहा। चौथे अनुसंधान दिवस ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि एम्स भोपाल केवल उपचार का केंद्र नहीं, बल्कि नैतिक, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावशाली अनुसंधान के माध्यम से देश की स्वास्थ्य प्रणाली को सशक्त बनाने वाला अग्रणी संस्थान है।

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