शोध, नवाचार और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं पर रहेगा विशेष फोकस
भोपाल। एम्स भोपाल निरंतर चिकित्सा सेवाओं, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से आम नागरिकों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में एम्स भोपाल द्वारा 10 जनवरी 2026 को चौथे अनुसंधान दिवस का आयोजन किया जा रहा है। यह वार्षिक कार्यक्रम संस्थान में हो रहे नवीन चिकित्सा शोध कार्यों को सरल भाषा में आम जनता तक पहुँचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, ताकि लोग यह समझ सकें कि चिकित्सा अनुसंधान उनके दैनिक जीवन और स्वास्थ्य को कैसे बेहतर बनाता है।
शोध से उपचार तक की यात्रा का प्रदर्शन
अनुसंधान दिवस का मुख्य उद्देश्य यह दर्शाना है कि प्रयोगशालाओं में होने वाला शोध किस प्रकार नई चिकित्सा तकनीकों, उन्नत उपचार पद्धतियों और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं के रूप में मरीजों तक पहुँचता है। यह कार्यक्रम न केवल शोधकर्ताओं और चिकित्सकों के लिए, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी उपयोगी है, क्योंकि इससे उन्हें आधुनिक चिकित्सा विकास की जानकारी प्राप्त होती है।
प्रतिष्ठित अतिथियों की रहेगी उपस्थिति
यह कार्यक्रम एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर के मार्गदर्शन में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव एवं भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। वहीं डॉ. पीयूष गुप्ता (प्रधान संपादक, इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च) विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। देश के विभिन्न हिस्सों से आए अनेक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक, चिकित्सक और शोधकर्ता इस आयोजन में भाग लेंगे।
चिकित्सा प्रौद्योगिकी नवाचारों पर विशेष चर्चा
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा प्रौद्योगिकी नवाचारों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। यह मंच चिकित्सकों, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को एक साथ लाकर विचार-विमर्श, अनुभव साझा करने और सहयोग को बढ़ावा देगा, जिससे नई, उपयोगी और जनहितकारी चिकित्सा विधियों के विकास में मदद मिलेगी।
नई अनुसंधान सुविधाओं का शुभारंभ
अनुसंधान दिवस के अवसर पर एम्स भोपाल में कई नई सुविधाओं का शुभारंभ भी किया जाएगा। इनमें बहुविषयक अनुसंधान इकाई और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी मूल्यांकन संसाधन केंद्र प्रमुख हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चिकित्सा तकनीकें न केवल प्रभावी हों, बल्कि किफायती भी हों, जिससे आम जनता को कम लागत में गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो सके।
इसके अलावा बानी हेल्थ, जैव ऊष्मायन और उन्नत नवाचार केंद्र का अवलोकन भी किया जाएगा, जो स्वदेशी चिकित्सा उपकरणों और तकनीकों के विकास को प्रोत्साहित करता है।
शोधकर्ताओं को मिलेगा सम्मान
इस अवसर पर एम्स भोपाल के विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को सर्वश्रेष्ठ शोध प्रबंध और सर्वश्रेष्ठ पीएचडी अनुसंधान पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणा है, जो समाज की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के समाधान हेतु निरंतर कार्यरत हैं।
कुल मिलाकर, एम्स भोपाल का चौथा अनुसंधान दिवस यह संदेश देता है कि संस्थान केवल उपचार का केंद्र नहीं, बल्कि अनुसंधान, नवाचार और जनहितकारी स्वास्थ्य समाधान के माध्यम से आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त माध्यम भी है।
एम्स भोपाल में 10 जनवरी को चौथा अनुसंधान दिवस
