वन विभाग विजयवर्गीय की भी नहीं सुनता!” — मंत्री का सीएम से सार्वजनिक निवेदन: “विदेश जाने से पहले पौधे दिलवा दीजिए”

इंदौर। मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार को एक ऐसी बात कह दी जिसने न सिर्फ वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए, बल्कि सरकार के भीतर समन्वय की कमी को भी उजागर कर दिया। वन महाअभियान के तहत 51 लाख पौधे लगाने का संकल्प लेने वाले विजयवर्गीय को अब अपने ही विभाग से पौधे मांगने के लिए मुख्यमंत्री से सार्वजनिक मंच से विनती करनी पड़ी।

“सीएम साहब, विदेश जाने से पहले मेरी मदद कर दीजिए”

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इंदौर आगमन पर आयोजित एक कार्यक्रम में विजयवर्गीय ने खुले मंच से कहा —

> “मुख्यमंत्री जी, विदेश जाने से पहले वन विभाग को कह दीजिए कि हमें पौधे दे दें। हम रेवती रेंज में रोपण करने जा रहे हैं, लेकिन वन विभाग से समय पर पौधे नहीं मिल रहे।”



यह बयान न सिर्फ चौंकाने वाला था, बल्कि यह भी स्पष्ट कर गया कि मंत्री स्तर पर भी यदि पौधे समय पर नहीं मिल रहे, तो आम जनता और स्वैच्छिक संगठनों की स्थिति क्या होगी, इसका अंदाज़ा सहज ही लगाया जा सकता है।

वन विभाग की कार्यशैली पर तंज

कैलाश विजयवर्गीय ने जिस अंदाज़ में वन विभाग की ‘नासमझी’ पर नाराजगी जताई, वह स्वयं में सरकारी मशीनरी की भीतरखाने खींचतान को उजागर करता है। उनका कहना था कि उन्होंने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत इंदौर नगर निगम के साथ मिलकर 20,000 पौधे लगाने की योजना बनाई है, लेकिन वन विभाग से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा।

क्या यह सिर्फ एक शिकायत है या सिस्टम पर सवाल?

मंत्री विजयवर्गीय का यह बयान सरकार के लिए आत्ममंथन का विषय बन सकता है। क्या वाकई एक वरिष्ठ मंत्री की बात की भी वन विभाग अनदेखी कर रहा है? या फिर यह एक संकेत है कि धरातल पर विभागीय योजनाओं में राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रशासनिक सहयोग के बीच भारी फासला है?

वन विभाग की चुप्पी और जनता की जिज्ञासा

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव इस सार्वजनिक निवेदन का क्या संज्ञान लेते हैं और वन विभाग पर इसका कितना असर पड़ता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मंत्री के पौधारोपण कार्यक्रम को समय पर पौधे मिल पाते हैं या फिर यह मामला भी सरकारी फाइलों और बयानबाजियों के बीच उलझ कर रह जाएगा।




पृष्ठभूमि: “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान

गौरतलब है कि इंदौर नगर निगम ने हाल ही में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को मातृ सम्मान से जोड़ना है। इस पहल के अंतर्गत रेवती रेंज पहाड़ी पर 20,000 पौधे लगाए जाने हैं।

Exit mobile version