भोपाल में आंधी-बारिश के बाद बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल, रातभर चला पेड़ हटाने और मरम्मत का अभियान

350 से अधिक स्थानों से हटाए गए पेड़, दूसरे दिन शाम तक सामान्य हुई बिजली व्यवस्था

भोपाल, 5 जून 2026। राजधानी भोपाल में गुरुवार शाम आई तेज आंधी और बारिश ने शहर की बिजली व्यवस्था और यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के कारण बड़ी संख्या में पेड़ और टहनियां सड़कों पर गिर गईं, जबकि कई स्थानों पर बिजली के तारों और खंभों को भी नुकसान पहुंचा। इसके चलते शहर के अनेक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। लगातार मरम्मत कार्य के बाद शुक्रवार दोपहर और शाम तक पूरे शहर में बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी गई।

पूरी रात चला राहत और बहाली अभियान

आंधी के बाद नगर निगम और बिजली कंपनी की टीमों ने तत्काल मोर्चा संभाला। नगर निगम के उद्यान, अतिक्रमण, परिवहन और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने युद्ध स्तर पर कार्रवाई करते हुए रातभर सड़कों पर गिरे पेड़ों और टहनियों को हटाने का कार्य किया।

अधिकारियों के अनुसार शहर के 350 से अधिक स्थानों पर पेड़ और बड़ी शाखाएं गिरने की घटनाएं सामने आईं। निगम अमले ने रातभर अभियान चलाकर अधिकांश मार्गों को आवागमन के लिए खोल दिया, जिससे सुबह तक यातायात व्यवस्था काफी हद तक सामान्य हो सकी।

बिजली व्यवस्था को हुआ व्यापक नुकसान

तेज आंधी का सबसे अधिक असर बिजली आपूर्ति तंत्र पर पड़ा। कई स्थानों पर बिजली के खंभे झुक गए, तार टूट गए और फीडर नेटवर्क प्रभावित हुआ। 350 केवी से लेकर 11 केवी फीडरों तक फैले बिजली वितरण तंत्र में आई खराबी के कारण शहर के सैकड़ों इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बिजली कंपनी की टीमें पूरी रात मरम्मत कार्य में जुटी रहीं। शुक्रवार सुबह लगभग 4:30 बजे तक लगातार काम किया गया, लेकिन कई स्थानों पर क्षति अधिक होने के कारण बहाली कार्य जारी रखना पड़ा।

10 विशेष टीमों ने संभाला मोर्चा

बिजली आपूर्ति को जल्द बहाल करने के लिए बिजली कंपनी ने 10 विशेष तकनीकी टीमों को मैदान में उतारा। सबसे पहले क्षतिग्रस्त और फॉल्ट वाले हिस्सों को चिन्हित कर हटाया गया तथा अस्थायी रूप से लाइनें जोड़कर प्रभावित क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने का प्रयास किया गया।

इसके बाद पूरे दिन स्थायी मरम्मत, तारों के प्रतिस्थापन और फीडर सुधार का कार्य चलता रहा। लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप शुक्रवार शाम तक शहर के सभी प्रमुख क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।

प्रशासन और निगम की त्वरित कार्रवाई से मिली राहत

नगर निगम और बिजली कंपनी की संयुक्त कार्रवाई के कारण सड़कों पर आवागमन अपेक्षाकृत जल्दी सामान्य हो गया और बिजली आपूर्ति भी चरणबद्ध तरीके से बहाल की गई। हालांकि कई क्षेत्रों के नागरिकों को लगभग 18 से 24 घंटे तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा, लेकिन राहत एवं पुनर्स्थापन कार्यों की गति ने स्थिति को जल्द नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मानसून पूर्व तैयारी की आवश्यकता हुई उजागर

इस घटना ने एक बार फिर शहर में मानसून पूर्व तैयारियों, पेड़ों की नियमित छंटाई, बिजली वितरण तंत्र के सुदृढ़ीकरण और आपदा प्रबंधन की आवश्यकता को रेखांकित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए बिजली और नगर निगम विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा पूर्व तैयारी अत्यंत आवश्यक होगी।

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