शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया से पहले Education Portal 3.0 का अपडेट जरूरी, रिक्त पदों की जानकारी में भारी गड़बड़ी

भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षकों की स्थानांतरण नीति 2025 लागू होने जा रही है, लेकिन इससे पहले ही Education Portal 3.0 को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिक्षकों और संगठन प्रतिनिधियों का कहना है कि पोर्टल में रिक्त पदों की वास्तविक स्थिति अपडेट नहीं की गई है, जिससे आगामी तबादला प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्याय की उम्मीद खतरे में पड़ गई है।
पोर्टल में नहीं दिख रही सही रिक्तियां:
उच्च पद पर पदस्थ शिक्षकों के स्थान रिक्त नहीं दिखाए गए हैं।
कई स्कूल पूरी तरह शिक्षकविहीन हैं, लेकिन पोर्टल पर उनका जिक्र तक नहीं है।
शिक्षकों के पास स्थानांतरण के लिए विकल्पों की भारी कमी दिख रही है।
नीति लागू करने से पहले जरूरी है पोर्टल का अपडेट:
शिक्षकों और शिक्षा संगठन नेताओं का कहना है कि अगर विभाग को मई में स्थानांतरण नीति लागू करनी थी, तो पोर्टल को पहले ही शत-प्रतिशत अपडेट किया जाना चाहिए था।
जब तक रिक्त पदों और वास्तविक स्थिति को अपडेट नहीं किया जाता, तबादला प्रक्रिया अन्यायपूर्ण और भ्रमित करने वाली होगी।
कोर्ट जाने को मजबूर होंगे शिक्षक?
कई शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि अगर अतिशेष की प्रक्रिया जल्दबाज़ी में लागू की गई, तो उन्हें न्याय के लिए कोर्ट का रुख करना पड़ेगा।
इससे न केवल शिक्षक मानसिक रूप से परेशान होंगे, बल्कि शिक्षण कार्य और स्कूलों की व्यवस्था भी प्रभावित होगी।
समाधान क्या है?
शिक्षा विभाग को चाहिए कि वह पहले Education Portal 3.0 का पूरी तरह से तकनीकी और तथ्यात्मक अपडेट सुनिश्चित करे।
रिक्त पदों, स्थानांतरण योग्य स्कूलों और वर्तमान पदस्थापन स्थिति को पारदर्शी ढंग से प्रकाशित किया जाए।
इसके बाद ही स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू की जाए, जिससे शिक्षकों का विश्वास बहाल हो सके।
शिक्षकों की मांग साफ है – पहले पोर्टल अपडेट, फिर स्थानांतरण। नहीं तो ‘अतिशेष प्रक्रिया’ से उपजे विवादों की गूंज अदालतों तक जाएगी।