भोपाल । अंतरिक्ष विज्ञान और खगोल शिक्षा को जनसामान्य और छात्रों तक पहुँचाने की दिशा में कार्यरत आंचलिक विज्ञान केंद्र, भोपाल ने अंतर्राष्ट्रीय मानव अंतरिक्ष उड़ान दिवस (International Human Space Flight Day 2025) के अवसर पर विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़ी गतिविधियों की एक श्रृंखला का आयोजन किया। यह दिन उस ऐतिहासिक क्षण की स्मृति में मनाया जाता है जब रूसी अंतरिक्ष यात्री यूरी गगारिन (Yuri Gagarin) 12 अप्रैल 1961 को वोस्तोक-1 अंतरिक्ष यान से अंतरिक्ष में जाने वाले पहले मानव बने।
यह आयोजन न केवल छात्रों में स्पेस टेक्नोलॉजी और एस्ट्रोनॉमी के प्रति रुचि जगाने का माध्यम बना, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी खगोल विज्ञान की जटिलताओं को सरल रूप में समझाने का एक शानदार अवसर प्रदान करता है।
‘फर्स्ट ऑर्बिट’ फिल्म स्क्रीनिंग से गगारिन की ऐतिहासिक यात्रा का पुनः अनुभव
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘फर्स्ट ऑर्बिट’ नामक डॉक्यूमेंट्री फिल्म थी, जो यूरी गगारिन की कक्षा में हुई ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा और उनके द्वारा सर्गेई कोरोलेव (Sergey Korolev) – सोवियत रॉकेट वैज्ञानिक – के साथ की गई बातचीत को दर्शाती है। यह फिल्म विद्यार्थियों को मानव अंतरिक्ष अन्वेषण की शुरुआत और उसके वैज्ञानिक पहलुओं से रूबरू कराती है।
वाटर रॉकेट और गनपाउडर रॉकेट लॉन्चिंग से छात्रों को मिली रियल-टाइम प्रैक्टिकल समझ
इस अंतरिक्ष विज्ञान कार्यक्रम में वाटर रॉकेट लॉन्चिंग और गनपाउडर प्रोपेल्ड रॉकेट के प्रक्षेपण का प्रदर्शन भी किया गया, जो छात्रों के लिए रॉकेट प्रोपल्शन और भौतिक विज्ञान के सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप में समझने का एक रोमांचक जरिया बना।
सूर्य अवलोकन गतिविधि से छात्रों को खगोलीय निरीक्षण का मिला अनुभव
इसके अतिरिक्त, टेलीस्कोप द्वारा सूर्य के धब्बों और प्रकाशमंडल (Corona) का अवलोकन कराया गया। सौर फिल्टर के सुरक्षित उपयोग के माध्यम से आगंतुकों ने सूर्य के सतह पर होने वाली गतिशीलताओं को प्रत्यक्ष रूप से देखा, जिससे एस्ट्रोफिजिक्स और सौर विज्ञान में उनकी रुचि और समझ दोनों को बल मिला।
30 से अधिक विद्यार्थियों और नागरिकों ने लिया भाग
इस खगोल विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम में भोपाल के विभिन्न स्कूलों से आए छात्रों, शिक्षकों और आम नागरिकों सहित कुल 30 से अधिक प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम को न केवल शैक्षणिक रूप से उपयोगी, बल्कि विज्ञान को जीवन से जोड़ने वाला भी बताया।
अंतर्राष्ट्रीय मानव अंतरिक्ष उड़ान दिवस पर भोपाल के आंचलिक विज्ञान केंद्र में हुआ शैक्षणिक और खगोल विज्ञान गतिविधियों का आयोजन
