भोपाल । राजधानी भोपाल में आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आज शाम आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है।
यह अभ्यास शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक जिले के पाँच अलग-अलग स्थलों पर होगा, जिसमें विभिन्न रेस्क्यू ऑपरेशन, फायर ड्रिल और इमरजेंसी मेडिकल सेवाओं का पूर्वाभ्यास किया जाएगा।
मॉक ड्रिल के उद्देश्य:
नागरिकों को आपात स्थिति में सही प्रतिक्रिया देना सिखाना
प्रशासनिक एवं बचाव दलों की तैयारी का परीक्षण
ब्लैकआउट प्रबंधन और अलर्ट सिस्टम की प्रभावशीलता सुनिश्चित करना
मॉक ड्रिल के पांच प्रमुख स्थल और अभ्यास:
1. भेल क्षेत्र: सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन
2. डीबी मॉल: फायर ब्रिगेड और घायल नागरिकों की निकासी
3. तुलसी नगर: अस्थायी अस्पताल व आपातकालीन चिकित्सा सुविधा
4. न्यू मार्केट: भीड़ प्रबंधन और नागरिकों की सुरक्षित निकासी
5. कोकटा मल्टी: इमारत ढहने की स्थिति में रेस्क्यू अभ्यास
ब्लैकआउट और सायरन अलर्ट की प्रक्रिया:
शाम 7:30 बजे से 7:42 बजे तक शहर में पूर्ण ब्लैकआउट रहेगा
7:30 बजे रेड अलर्ट सायरन बजेगा (2 मिनट के लिए)
नागरिकों को अपने घरों, दुकानों, कार्यालयों की सभी लाइट्स बंद करने का निर्देश
वाहन चालक गाड़ी रोककर हेडलाइट व बैकलाइट बंद रखें
7:42 बजे ग्रीन अलर्ट सायरन बजेगा जो “ऑल क्लीयर” सिग्नल होगा
कलेक्टर की अपील:
कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि यह अभ्यास आम जनता की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यह मॉक ड्रिल किसी भी वास्तविक खतरे या आतंकी घटना से जुड़ी नहीं है। सभी से अफवाहों से बचने और प्रशासन का साथ देने की अपील की गई है।
भोपाल में आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल 2025 को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और यह अभ्यास आने वाले समय में किसी भी संकट से निपटने में जन-प्रशासनिक समन्वय की तैयारी को मजबूत करेगा।
भोपाल में आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल: पाँच प्रमुख स्थलों पर होगा रेस्क्यू ऑपरेशन का पूर्वाभ्यास, ब्लैकआउट और अलर्ट सिस्टम भी लागू
