इंदौर: बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला के बेटे रुद्राक्ष शुक्ला के विवादित आचरण पर देवास मंदिर प्रबंधन सख्त, मठ मंदिर पूजारी संगठन ने जारी किया पत्र

इंदौर/देवास: मध्यप्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद तब खड़ा हो गया जब बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला के बेटे रुद्राक्ष शुक्ला द्वारा देवास स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर परिसर में अनुचित आचरण किए जाने का मामला सामने आया। इस घटना के बाद मंदिर से जुड़े मठ मंदिर पूजारी संगठन ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए एक आधिकारिक पत्र जारी किया है।

देवास मंदिर में अनुशासनहीनता, माफी की मांग
मठ मंदिर पूजारी संगठन द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि रुद्राक्ष शुक्ला को आगामी तीन दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी, अन्यथा संगठन धार्मिक और सामाजिक स्तर पर विरोध की दिशा में कदम उठाने को मजबूर होगा। संगठन का कहना है कि मंदिर एक आस्था का केंद्र है और किसी भी व्यक्ति—even if he is a public figure—को यहां अनुशासन तोड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

मठ मंदिर संगठन का बयान हुआ वायरल
सोशल मीडिया पर संगठन का यह पत्र तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने विधायक पुत्र के व्यवहार को “धार्मिक मर्यादा के विरुद्ध” बताया है। साथ ही, यह भी कहा गया कि जनप्रतिनिधियों के परिवार से समाज में अनुकरणीय आचरण की अपेक्षा की जाती है।

बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस मामले पर अब तक विधायक गोलू शुक्ला की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि पार्टी इस विवाद को कैसे हैंडल करेगी। विपक्षी दलों ने भी इस घटना को लेकर बीजेपी को घेरना शुरू कर दिया है और राजनीतिक जवाबदेही की मांग की जा रही है।

निष्कर्ष:
देवास मंदिर विवाद ने मध्यप्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। विधायक पुत्र द्वारा मंदिर अनुशासन का उल्लंघन और मठ मंदिर पूजारी संगठन द्वारा कड़ी प्रतिक्रिया आने से यह मामला धार्मिक और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर गरमाया हुआ है। आने वाले दिनों में यदि सार्वजनिक माफी नहीं दी गई तो यह विवाद और गहराने की संभावना है।

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