भोपाल, । राज्य के निगम, मंडल और परिषदों में वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों और श्रमिकों को नियमित किए जाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। इस संदर्भ में सेमी गवर्नमेंट एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड संगठन के अध्यक्ष श्री अनिल बाजपेई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि जिन श्रमिकों और कर्मचारियों ने लगातार 10 वर्षों की सेवा पूर्ण कर ली है, उन्हें शीघ्र ही नियमित नियुक्ति दी जाए।
रिक्त पदों के बावजूद नियमितीकरण लंबित
श्री बाजपेई ने पत्र में उल्लेख किया है कि राज्य के विभिन्न निगमों और मंडलों में लगभग 10,000 पद रिक्त हैं। इसके बावजूद वर्षों से कार्यरत श्रमिकों को नियमित नहीं किया गया है, जबकि दूसरी ओर महंगाई भत्ता, गृह भाड़ा भत्ता जैसे लाभों के आदेश लगातार जारी हो रहे हैं। इससे अस्थाई कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है।
उन्होंने यह भी मांग की है कि आउटसोर्सिंग के जरिए कार्यरत कर्मचारियों को भी उसी विभाग में स्थायी रूप से समायोजित किया जाए, जहां वे लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं।
कर्मचारी नेताओं का समर्थन
अनिल बाजपेई की इस मांग को राज्य के कई वरिष्ठ कर्मचारी नेताओं का समर्थन भी प्राप्त हुआ है।
अरुण वर्मा, श्याम सुंदर शर्मा, मुकेश साहू, नरेंद्र सुरसरीप्रसाद पटेल, चिंतामणि रंग डाले, सत्य विजय और चंदन पद जैसे प्रमुख नेताओं ने मांग को उचित बताते हुए मुख्यमंत्री से त्वरित कार्रवाई की अपील की है।
समस्या की गंभीरता और समाधान की आवश्यकता
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी राज्य की विभिन्न परियोजनाओं में अहम भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उनकी सेवा की अनिश्चितता और अल्प वेतन उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से कमजोर कर रही है। नियमितीकरण के माध्यम से इन श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, स्थायित्व और सम्मानजनक जीवन मिल सकता है।