भोपाल, । सेवानिवृत अर्द्ध शासकीय अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन ने एसआईआर (Special Intensive Revision) कार्य में लगे बीएलओ कर्मचारियों की लगातार हो रही मौतों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष अनिल बाजपेई और महासचिव अरुण वर्मा ने जानकारी दी कि सीमित समय सीमा, अत्यधिक दबाव और लगातार मानसिक तनाव के कारण अब तक 22 बीएलओ कर्मचारियों की मृत्यु हो चुकी है, जिससे उनके परिवारों में गहरा आक्रोश और असंतोष व्याप्त है।
नेताओं ने बताया कि मृतक बीएलओ कर्मचारियों के परिवारजन इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं कि आगे उनके भरण-पोषण और देखरेख की जिम्मेदारी कौन उठाएगा, क्योंकि बीएलओ कार्य की परिस्थितियाँ बेहद तनावपूर्ण और जोखिम से भरी रहीं। उन्होंने कहा कि इतनी अधिक मृत्यु होना यह दर्शाता है कि बीएलओ कर्मियों पर कार्य का अनावश्यक दबाव बनाया गया।
फेडरेशन ने माननीय चुनाव आयुक्त और माननीय मुख्यमंत्री से मांग की है कि एसआईआर कार्य में संलग्न मृतक बीएलओ कर्मचारियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए, एसआईआर कार्य की समय सीमा बढ़ाई जाए, ताकि बीएलओ कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव न पड़े,साथ ही बीएलओ के माध्यम से वर्ष 2003 की मतदाता सूची उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं।
फेडरेशन का कहना है कि सरकार को इन मांगों पर तुरंत निर्णय लेते हुए मृतक परिवारों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। यह कदम न केवल प्रभावित परिवारों को राहत देगा बल्कि भविष्य में बीएलओ कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों को भी सुरक्षित और मानवीय बनाएगा।
एसआईआर कार्य में जुटे मृतक बीएलओ कर्मचारियों के परिजनों को एक-एक करोड़ का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग तेज
