संविदा कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा से मिला, 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति में संशोधन व संविलियन की मांग

Bhopal । राजधानी भोपाल में प्रदेशभर से आए संविदा कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा से मुलाकात कर अपनी लंबित मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने विभागों में रिक्त पदों पर संविदा कर्मचारियों का संविलियन करने और 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति में संशोधन की मांग करते हुए 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
प्रदेशभर के संगठनों के नेतृत्व में हुई मुलाकात
यह प्रतिनिधिमंडल म.प्र. संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर, अल्प वेतन भोगी कर्मचारी संघ (समग्र शिक्षा अभियान) के संरक्षक भगवान दास ढालिया एवं अध्यक्ष राजकुमार साकल्ले के नेतृत्व में उप मुख्यमंत्री से मिला। चर्चा के दौरान संविदा कर्मचारियों की वर्षों पुरानी समस्याओं को सामने रखा गया।
22 जुलाई 2023 की संविदा नीति पर आपत्ति
प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति में 50 प्रतिशत पदों पर संविदा कर्मचारियों को आरक्षण देकर परीक्षा के माध्यम से भर्ती का प्रावधान किया गया है, लेकिन चतुर्थ श्रेणी एवं वाहन चालक जैसे पदों पर शासन द्वारा भर्ती प्रतिबंध लागू है। ऐसे में इन वर्गों के संविदा कर्मचारियों को इस नीति का कोई लाभ नहीं मिल पाएगा।
उन्होंने कहा कि 25 से 30 वर्षों से संविदा पर कार्यरत चतुर्थ श्रेणी, वाहन चालक एवं चौकीदार कर्मचारी कभी नियमित नहीं हो सकेंगे, जो गंभीर अन्याय है।
रिक्त पदों पर संविलियन की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों में रिक्त संविदा पदों पर कार्यरत कर्मचारियों, विशेषकर समग्र शिक्षा अभियान के चतुर्थ श्रेणी संविदा कर्मचारियों का सीधे संविलियन किए जाने की मांग रखी। साथ ही वरिष्ठता के आधार पर नियमितीकरण अथवा संविलियन की व्यवस्था लागू करने की बात कही गई।
11 सूत्रीय मांगों में शामिल प्रमुख बिंदु
ज्ञापन में संविदा कर्मचारियों के वेतन-भत्ते वरिष्ठता के आधार पर निर्धारित करने, समयमान वेतनमान देने, नियमित कर्मचारियों के समान सभी अवकाश प्रदान करने, महिला संविदा कर्मचारियों को संतान पालन अवकाश देने, जिन कर्मचारियों का ग्रेड पे घटाया गया है उसे सुधारने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।
उप मुख्यमंत्री का आश्वासन
उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि संविदा कर्मचारियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन और समस्याओं को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया जाएगा और कर्मचारियों के हित में हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
कई जिलों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
इस दौरान खंडवा, भोपाल, सिवनी, नीमच, रतलाम, मुरैना, भिंड, शहडोल, खरगोन, सीहोर, बुधनी, आगर-मालवा, बड़वानी सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए संविदा कर्मचारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में संविदा नीति में संशोधन और स्थायी समाधान की मांग उठाई।



