टीकमगढ़ में बंशकार समाज पर जानलेवा हमला, मुकेश बंसल ने की निंदा, मुख्यमंत्री और डीजीपी को सौंपा ज्ञापन

भोपाल, । टीकमगढ़ जिले की लिधोरा तहसील के ग्राम छिपरी में बंशकार समाज के एक परिवार पर हुए हमले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। बांस शिल्पकार युवा शक्ति संगठन एवं धानुक समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री मुकेश बंसल ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

घटना 18 मई 2025 को उस समय हुई जब बंशकार समाज के प्रमोद कुमार बंसल, उनके भाई और मां पर ग्राम के ही अहिरवार समाज के कुछ दबंगों ने खुलेआम सड़क पर हमला कर दिया। बताया गया है कि रमसू उर्फ रमेश अहिरवार, कमलेश अहिरवार, नीरज अहिरवार, बोवी अहिरवार, अर्जुन अहिरवार, आकाश अहिरवार और दीपू अहिरवार नामक लोगों ने फावड़े और अन्य हथियारों से जानलेवा हमला किया। हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। घटना के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं।

भाजपा नेताओं के संरक्षण का आरोप
श्री मुकेश बंसल ने आरोप लगाया कि हमलावरों को क्षेत्रीय भाजपा नेताओं का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते ये लोग लंबे समय से समाज में डर और आतंक फैलाते आ रहे हैं। उनका कहना है कि अहिरवार समाज के ये तत्व बंशकार समाज के लोगों के साथ बार-बार मारपीट, गाली-गलौच और दुर्व्यवहार करते रहे हैं। महिलाओं और बच्चियों को भी अपशब्द कहकर अपमानित किया जाता है।

पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप
बंसल ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। हमले के बाद भी हमलावर खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे पीड़ित परिवार और पूरा बंशकार समाज दहशत में है। उन्होंने कहा कि बच्चों तक को धमकाया जा रहा है और समाज में भय का माहौल बना हुआ है।

ज्ञापन सौंप कर की कार्रवाई की मांग
श्री बंसल ने मुख्यमंत्री और प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन सौंपकर दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि रमसू उर्फ रमेश अहिरवार सहित सभी नामजद आरोपियों को जेल भेजा जाए ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था कायम रह सके और अन्य समाजों में विश्वास बना रहे।

न्याय की मांग तेज
यह मामला अब प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया है। सामाजिक संगठन और आम नागरिक भी इस घटना की निंदा कर रहे हैं और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब पीड़ित परिवार के पास वीडियो

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