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सीपीआर और त्वरित कार्रवाई बनी जीवनरक्षक कवच: मध्यप्रदेश पुलिस ने पांच दिनों में कई अनमोल जिंदगियां बचाईं

भोपाल । मध्यप्रदेश पुलिस अब केवल कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं रही है, बल्कि आपात परिस्थितियों में आम नागरिकों के जीवन की रक्षा में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है। विगत पांच दिनों में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से सामने आई घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि पुलिसकर्मियों को दिया जा रहा सीपीआर (CPR) और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण वास्तविक रूप से जीवनरक्षक कवच बन रहा है। प्रशिक्षित, संवेदनशील और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली मध्यप्रदेश पुलिस आज “फर्स्ट रिस्पॉन्डर” के रूप में समाज का भरोसा मजबूत कर रही है।

छतरपुर: त्वरित सीपीआर से बुजुर्ग को मिला जीवनदान

छतरपुर जिले में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ आरक्षक खगेंद्र तिवारी ने मानवीय संवेदनशीलता और प्रशिक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। अपने आवास के पास गंभीर अवस्था में गिरे एक बुजुर्ग को देखकर उन्होंने बिना समय गंवाए सीपीआर दिया। समय पर दिए गए इस प्राथमिक उपचार से बुजुर्ग की हालत में सुधार हुआ। चिकित्सकों ने भी माना कि आरक्षक द्वारा दिया गया सीपीआर बुजुर्ग के लिए जीवनरक्षक साबित हुआ।

उज्जैन (जीआरपी): रेलवे प्लेटफॉर्म पर बचाई यात्री की जान

उज्जैन रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान जीआरपी के प्रधान आरक्षक ने हृदयाघात से पीड़ित एक यात्री को प्लेटफॉर्म पर गिरते देखा। गोल्डन आवर को समझते हुए उन्होंने तुरंत सीपीआर दिया, जिससे यात्री को समय रहते राहत मिली। इसके बाद यात्री को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई और उसकी स्थिति स्थिर की जा सकी। यह घटना पुलिस प्रशिक्षण की प्रभावशीलता को दर्शाती है।

इंदौर: आत्महत्या के प्रयास को किया विफल

पुलिस कमिश्नरेट इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में आत्महत्या का प्रयास कर रहे एक व्यक्ति की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ और संवेदनशीलता के साथ व्यक्ति को फंदे से सुरक्षित उतारा और काउंसलिंग के माध्यम से उसे समझाया। इस त्वरित कार्रवाई से न केवल एक जान बची, बल्कि एक परिवार को टूटने से भी बचा लिया गया।
पांढुर्णा: डायल-112 की तत्परता से महिला की जान बची

पांढुर्णा जिले के थाना मोहगांव क्षेत्र में 60 वर्षीय महिला द्वारा जहरीला पदार्थ सेवन करने की सूचना पर डायल-112 की एफआरवी टीम तुरंत मौके पर पहुंची। महिला को बिना देरी अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उसकी स्थिति नियंत्रित हो सकी और समय पर उपचार संभव हुआ।

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