
भोपाल। नए साल 2026 के पहले वीकेंड पर खगोल प्रेमियों के लिए आकाश में एक दुर्लभ और रोचक संयोग बन रहा है। पृथ्वी जहां सूर्य की परिक्रमा करते हुए उसके सबसे नजदीकी बिंदु पर पहुंच रही है, वहीं चंद्रमा भी पृथ्वी के अपेक्षाकृत पास स्थित होकर लगभग सुपरमून जैसा दृश्य प्रस्तुत कर रहा है। इस खगोलीय संयोग को लेकर नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।
क्या है पेरिहेलियन का खगोलीय संयोग?
सारिका घारू के अनुसार, पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा अपनी-अपनी कक्षाओं में अंडाकार पथ पर भ्रमण करते हैं। इसी कारण वर्ष में एक समय ऐसा आता है जब ये पिंड अपने-अपने परिक्रमा पथ के सबसे नजदीकी बिंदु पर होते हैं। पृथ्वी का सूर्य के सबसे पास पहुंचना पेरिहेलियन (Perihelion) कहलाता है।
उन्होंने बताया कि शनिवार रात 10 बजकर 45 मिनट पर पृथ्वी सूर्य के सबसे नजदीक होगी और यह दूरी घटकर 14 करोड़ 70 लाख 99 हजार 894 किलोमीटर रह जाएगी। इसके विपरीत, जुलाई माह में पृथ्वी सूर्य से सबसे दूर एपिहेलियन स्थिति में पहुंचती है, जब यह दूरी बढ़कर लगभग 15 करोड़ 20 लाख 87 हजार 774 किलोमीटर हो जाती है।
क्या आज वाकई सुपरमून है?
सोशल मीडिया पर आज के चंद्रमा को लेकर “वुल्फ सुपरमून” जैसे दावे किए जा रहे हैं। इस पर स्पष्ट करते हुए सारिका घारू ने बताया कि खगोलविज्ञान की दृष्टि से चंद्रमा 1 जनवरी को पृथ्वी के सबसे नजदीकी बिंदु पर था और अब धीरे-धीरे दूर होना शुरू हो चुका है।
इसलिए आज दिखाई देने वाला चंद्रमा पूरी तरह सुपरमून नहीं, बल्कि सुपरमून जैसा प्रतीत होगा। पूर्णिमा की अवस्था में चंद्रमा मिथुन राशि में स्थित रहते हुए पृथ्वी से लगभग 3 लाख 62 हजार किलोमीटर की दूरी पर रहेगा। यह चंद्रमा शाम को उदित होकर पूरी रात आकाश में दिखाई देगा।
असली सुपरमून कब दिखेगा?
यदि खगोल प्रेमी वास्तविक सबसे बड़ा और सबसे चमकदार सुपरमून देखना चाहते हैं, तो उन्हें 24 दिसंबर 2026 तक इंतजार करना होगा, जब चंद्रमा पृथ्वी के और अधिक निकट होकर पूर्ण सुपरमून का शानदार दृश्य प्रस्तुत करेगा।
नए साल का स्वागत खगोलीय अंदाज़ में
सारिका घारू ने कहा कि नए साल के पहले सप्ताह में सूर्य और चंद्रमा दोनों का पृथ्वी के नजदीक होना एक दुर्लभ संयोग है। ऐसे में यह वीकेंड खगोल घटनाओं के साक्षी बनने और सूर्य व चंद्रमा के साथ 2026 के आगमन की खुशियां मनाने का बेहतरीन अवसर है।
आकाश की ओर नज़र उठाइए और विज्ञान के इस सुंदर संयोग के साथ नए साल की शुरुआत को यादगार बनाइए।



