
लखनऊ, उत्तर प्रदेश । देश में बढ़ते साइबर फ्रॉड और फर्जी सिम एक्टिवेशन मामलों को देखते हुए CBI (केंद्रीय जांच ब्यूरो) ने बड़ी कार्रवाई की है। यूपी के 6 जिलों सहित पश्चिम बंगाल, असम, महाराष्ट्र और बिहार के 9 सिम डीलर्स को साइबर अपराध और फर्जी KYC के जरिए सिम कार्ड जारी करने के आरोप में नामजद किया गया है।
CBI की जांच में क्या सामने आया?
CBI की जांच में सामने आया है कि इन सिम डीलर्स ने असली ग्राहकों की KYC (Know Your Customer) जानकारी का दोहरे उपयोग कर फर्जी तरीके से दूसरा सिम कार्ड जारी किया। इन सिम कार्ड्स का उपयोग साइबर ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी जैसे गंभीर अपराधों में किया गया।
फर्जी सिम एक्टिवेशन और साइबर फ्रॉड की चेन का खुलासा
CBI ने बताया कि यह एक संगठित साइबर अपराध नेटवर्क है, जिसमें अलग-अलग राज्यों के डीलर्स शामिल हैं। इस नेटवर्क के जरिए न केवल फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेशन किया जा रहा था, बल्कि इन सिम्स का इस्तेमाल कर ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी बैंकिंग ट्रांजैक्शन, और फिशिंग स्कैम को अंजाम दिया जा रहा था।
CBI की छापेमारी और साक्ष्य बरामदगी
CBI ने बीते दिनों कई ठिकानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल डिवाइसेज़ और सिम एक्टिवेशन रिकॉर्ड जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के जरिए कई अहम सुराग हाथ लगे हैं, जो आगे की जांच में मदद करेंगे।