
धार (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश की राजनीति में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। धार जिले की धरमपुरी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर पर हनी ट्रैप का जाल बिछाने का गंभीर मामला उजागर हुआ है। विधायक की शिकायत पर पुलिस ने एक महिला और उसके साथी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, एक युवती ने पहले विधायक से नजदीकियां बढ़ाईं और उनसे मुलाकात की। आरोप है कि मुलाकात के दौरान लड़की ने स्वेच्छा से उनके साथ निजी समय बिताया। इसके बाद उसने इस मुलाकात का फायदा उठाते हुए विधायक से 2 करोड़ रुपये की रंगदारी मांग ली। विधायक का आरोप है कि महिला ने धमकी दी कि अगर तीन दिन के भीतर पैसे नहीं दिए गए तो वह उनके खिलाफ रेप का झूठा केस दर्ज करवा देगी और राजनीतिक व सामाजिक छवि बर्बाद कर देगी।
विधायक ने दर्ज कराई शिकायत
धमकी मिलने के बाद भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर ने तुरंत इस मामले की शिकायत स्थानीय पुलिस में दर्ज कराई। उनकी शिकायत के आधार पर एक महिला और उसके एक पुरुष साथी के खिलाफ धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और रंगदारी मांगने सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
हनी ट्रैप की आशंका
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा मामला हनी ट्रैप गिरोह से जुड़ा हो सकता है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि महिला ने योजनाबद्ध तरीके से विधायक को अपने जाल में फंसाने की कोशिश की और बाद में मोटी रकम वसूलने की साजिश रची। मध्य प्रदेश में इससे पहले भी कई बड़े हनी ट्रैप कांड सामने आ चुके हैं, जिनमें राजनेताओं और अधिकारियों को निशाना बनाया गया था। इस घटना ने एक बार फिर राज्य में हनी ट्रैप गिरोह की सक्रियता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस कर रही है गहन जांच
धार पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं। आरोपियों के मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल और लोकेशन ट्रेस की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाएगी। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
यह मामला सामने आने के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर हो सकता है, वहीं भाजपा इसे एक सुनियोजित साजिश बता रही है।
निष्कर्ष
भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर से जुड़े इस हनी ट्रैप प्रकरण ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय लोगों को किस तरह ब्लैकमेलिंग और साजिशों का शिकार बनाया जा सकता है।
अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि इस पूरे मामले की असली सच्चाई कब और कैसे सामने आती है।



