
इंदौर । इंदौर में प्रदूषित पानी से हो रही मौतों और बदहाल नागरिक सुविधाओं को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इसे प्रशासनिक लापरवाही और सरकार की विफल नीतियों का परिणाम बताते हुए व्यापक जनहित मुद्दों पर भाजपा को कटघरे में खड़ा किया। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी हरीश चौधरी, राष्ट्रीय सचिव व प्रदेश सह प्रभारी उषा नायडू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने संयुक्त रूप से भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार ने महात्मा गांधी के नाम से शुरू हुई मनरेगा योजना को धीरे-धीरे समाप्त करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि कृषि व्यवस्था चरमराई हुई है, बेरोज़गारी चरम पर है, आर्थिक असमानता बढ़ रही है और प्रदेश में हवा व पानी दोनों ही ज़हरीले हो चुके हैं। उन्होंने जल सुरक्षा एवं स्वास्थ्य कानून लागू करने और स्वच्छ जल को नागरिकों का मौलिक अधिकार घोषित करने की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर के विकास के नाम पर लगभग 1 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए, फिर भी आज शहरवासियों को साफ पानी तक नसीब नहीं हो रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि नलों से दूषित और ज़हरीला पानी आ रहा है।
पटवारी ने कहा, “कांग्रेस मां नर्मदा का अमृत जल लेकर आई थी, भाजपा ने उसे ज़हर में बदल दिया।” उन्होंने रियल टाइम वाटर ऑडिट तुरंत लागू करने की मांग की।
भागीरथपुरा मामले में कड़ी मांगें:
कांग्रेस नेताओं ने भागीरथपुरा घटना की जांच रिटायर्ड पूर्व मुख्य न्यायाधीश की निगरानी में कराने, दोषी अधिकारियों व महापौर पर गैर-इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज करने और मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की।
11 जनवरी को न्याय यात्रा:
कांग्रेस ने 11 जनवरी को बड़े गणपति से राजबाड़ा तक निकलने वाली “न्याय यात्रा” में अधिक से अधिक लोगों से शामिल होकर भाजपा सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराने की अपील की।



