
लखनऊ। राजधानी लखनऊ स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की एक शाखा में गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बैंक के 24 खाताधारकों के खातों से लगभग 50 लाख रुपये का गबन कर लिया गया है। इस घटना के बाद पीड़ित खाताधारकों में भारी आक्रोश और भय का माहौल बना हुआ है।
गरीब और मध्यम वर्ग के खाताधारक हुए शिकार
पीड़ितों का कहना है कि जिन लोगों का पैसा गबन हुआ है, वे सभी सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं। कई खाताधारकों ने वर्षों की मेहनत की कमाई बैंक में सुरक्षित रखने के लिए जमा की थी, लेकिन अचानक उनके खातों से राशि गायब होने से वे गहरे संकट में आ गए हैं।
कुछ पीड़ितों के अनुसार, बैंक स्टेटमेंट चेक करने पर उन्हें पता चला कि उनके खातों से अलग-अलग तारीखों में बिना जानकारी के बड़ी रकम निकाल ली गई है।
बैंक प्रबंधन पर उठ रहे गंभीर सवाल
इस पूरे मामले में बैंक की आंतरिक व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। खाताधारकों का आरोप है कि बिना उनकी अनुमति और जानकारी के इतनी बड़ी राशि का ट्रांजेक्शन होना बैंक की लापरवाही को दर्शाता है।
पीड़ितों ने मामले की शिकायत बैंक प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन से की है। उनका कहना है कि जब तक उनके पैसे वापस नहीं मिलते, वे लगातार संघर्ष करेंगे।
जांच की मांग तेज
घटना उजागर होने के बाद स्थानीय स्तर पर इसकी जांच की मांग तेज हो गई है। आशंका जताई जा रही है कि यह गबन किसी संगठित गिरोह या बैंक के अंदरूनी मिलीभगत का परिणाम हो सकता है। पीड़ित खाताधारकों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जल्द से जल्द पैसा वापस दिलाने की मांग की है।
आम जनता में बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा को लेकर आम लोगों में चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि जब बैंक खाते भी सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो वे अपनी जमा पूंजी कहां सुरक्षित रखें?
निष्कर्ष:
लखनऊ में हुआ यह गबन कांड न केवल बैंकिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि आम नागरिकों के विश्वास को भी गहरी चोट पहुंचाता है। अब देखना होगा कि प्रशासन और बैंक प्रबंधन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाते हैं।



