भोपाल। राजधानी में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कोतवाली थाना क्षेत्र से सामने आए एक मामले में आरोप है कि पुलिस चोरों को पकड़ने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रही है, जबकि फरियादी को ही गुनहगार की तरह थाने के चक्कर कटवाए जा रहे हैं। ज्वेलर्स की दुकान में हुई चोरी के 10 दिन बीत जाने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है।
चोरी के आंकड़े कम दिखाने की बाजीगरी?
सूत्रों के मुताबिक कोतवाली पुलिस चोरी के मामलों के आंकड़े कम दिखाने की कोशिश में एफआईआर दर्ज करने से बच रही है। आरोप है कि इसी वजह से ज्वेलर्स की दुकान में हुई चोरी को गंभीरता से नहीं लिया गया। फरियादी कई बार थाने पहुंचा, लेकिन हर बार उसे टाल दिया गया।
सीसीटीवी फुटेज के बावजूद कार्रवाई नहीं
इस पूरे मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि चोरी करते हुए एक महिला चोर का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ चुका है। फुटेज में महिला को साफ तौर पर चोरी करते देखा जा सकता है, इसके बावजूद पुलिस ने न तो एफआईआर दर्ज की और न ही आरोपी की गिरफ्तारी के लिए ठोस कदम उठाए।
समझौते का दबाव, न्याय से दूरी
फरियादी का आरोप है कि पुलिस चोरी की जांच करने के बजाय उसे महिला चोर से समझौता करने के लिए दबाव बना रही है। पुलिस का यह रवैया न केवल पीड़ित के अधिकारों का हनन है, बल्कि अपराधियों को खुला संरक्षण देने जैसा भी माना जा रहा है।
फरियादी परेशान, सुनवाई नहीं
पीड़ित ज्वेलर्स कई बार कोतवाली थाने के चक्कर काट चुका है, लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। हर बार उसे आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। इससे व्यापारी वर्ग में गहरी नाराजगी है और सुरक्षा को लेकर भय का माहौल बन रहा है।
कोतवाली थाना क्षेत्र का मामला
पूरा मामला भोपाल के कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जो राजधानी का अत्यंत संवेदनशील और व्यस्त इलाका माना जाता है। ऐसे क्षेत्र में पुलिस की इस कथित लापरवाही ने आम लोगों का भरोसा डगमगा दिया है।
भोपाल कोतवाली में बड़ा सवाल: चोरों को संरक्षण, फरियादी बना गुनहगार? ज्वेलर्स चोरी में 10 दिन बाद भी FIR नहीं
