
वर्ष 2025 में 2 लाख से अधिक महिला यात्रियों को मिली सुरक्षा और सहायता
भोपाल। महिला यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) द्वारा संचालित ऑपरेशन “मेरी सहेली” अभियान के तहत पश्चिम मध्य रेलवे ने वर्ष 2025 में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस अभियान के अंतर्गत 2,06,812 अकेली यात्रा करने वाली महिला यात्रियों को न केवल अटेंड किया गया, बल्कि उन्हें सुरक्षित यात्रा का अनुभव प्रदान करते हुए उनके गंतव्य तक सकुशल पहुंचाने में सहायता की गई। इस दौरान महिला यात्रियों से फीडबैक भी प्राप्त किया गया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके।
क्या है ऑपरेशन “मेरी सहेली” अभियान
ऑपरेशन “मेरी सहेली” का मुख्य उद्देश्य रेल यात्रा के दौरान महिला यात्रियों की सुरक्षा, विश्वास और आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है। अभियान के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल द्वारा विशेष निगरानी, जागरूकता और त्वरित सहायता की व्यवस्था की गई है, ताकि महिलाएं किसी भी प्रकार की असुविधा, छेड़छाड़ या आपात स्थिति में स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें।
ऑपरेशन मेरी सहेली के तहत उठाए गए प्रमुख कदम
1) विशेष सुरक्षा प्रबंध
रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में महिला आरपीएफ कर्मियों की तैनाती, पश्चिम मध्य रेलवे के प्रमुख स्टेशनों और यात्री ट्रेनों में 18 विशेष महिला सुरक्षा टीमों की तैनाती अकेली यात्रा करने वाली महिलाओं पर विशेष निगरानी
2) महिला यात्रियों को जागरूक करना
यात्रा के दौरान सुरक्षा उपायों की जानकारी, चोरी, छेड़छाड़ और संदिग्ध गतिविधियों से बचाव के तरीके, आपात स्थिति में सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी
3) त्वरित समाधान और सहायता
महिला यात्रियों की शिकायतों का तत्काल निराकरण, 24 घंटे सक्रिय रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139, जरूरत पड़ने पर तुरंत मौके पर सहायता उपलब्ध कराना
रेल प्रशासन की महिला यात्रियों से अपील
रेल प्रशासन ने महिला यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की समस्या, असहज स्थिति या आपातकाल में तुरंत आरपीएफ से संपर्क करें। हेल्पलाइन नंबर 139 और ऑपरेशन “मेरी सहेली” के अंतर्गत उपलब्ध सुरक्षा सुविधाओं का उपयोग कर महिला यात्री अपनी यात्रा को सुरक्षित, सहज और आत्मविश्वासपूर्ण बना सकती हैं।



