योगी सरकार का बड़ा फैसला: गीता प्रेस को 10 एकड़ भूमि और 81 करोड़ रुपए के विस्तार प्रोजेक्ट की मंजूरी

अब बनेगी अत्याधुनिक प्रिंटिंग यूनिट, सनातन साहित्य सेवा होगी और व्यापक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने धार्मिक एवं सांस्कृतिक सेवा से जुड़े सबसे बड़े संस्थानों में से एक गीता प्रेस, गोरखपुर के विस्तार को हरी झंडी दे दी है। सरकार ने 10 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने के साथ-साथ ₹81 करोड़ के मेगा विस्तार प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इसके बाद गीता प्रेस देश की सबसे आधुनिक धार्मिक प्रकाशन इकाइयों में शामिल होने जा रहा है।

आधुनिक तकनीक से सुसज्जित नई प्रिंटिंग यूनिट

गीता प्रेस ने लंबे समय से विस्तार की आवश्यकता जताई थी, क्योंकि वर्तमान परिसर में बढ़ते कार्यभार के लिए जगह कम पड़ रही थी। अब नई भूमि मिलने के बाद प्रेस अत्याधुनिक प्रिंटिंग मशीनें, डिजिटल इकाइयाँ और उन्नत वितरण केंद्र स्थापित कर सकेगा। इससे धार्मिक ग्रंथों श्रीमद्भगवद्गीता, रामचरितमानस, उपनिषद, पूजन-पाठ पुस्तकें की उपलब्धता और तेज, सुलभ व कम लागत वाली हो जाएगी।

सनातन संस्कृति के प्रसार को नई गति

योगी सरकार का कहना है कि गीता प्रेस न केवल पुस्तकें छापने का केंद्र है, बल्कि सनातन संस्कृति, अध्यात्म और भारतीय ज्ञान परंपरा का विश्वस्त आधार है। ऐसे में इसका विस्तार सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम है। नई प्रिंटिंग यूनिट के शुरू होने के बाद गीता प्रेस देश-विदेश में बढ़ती मांग को और बेहतर तरीके से पूरा कर सकेगा, जिससे सनातन साहित्य का प्रसार नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। योगी सरकार के इस फैसले को व्यापक रूप से धार्मिक-सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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